samacharsecretary.com

मध्यप्रदेश के विदिशा में स्कूल बस दुर्घटनाग्रस्त, नदी में गिरने से 28 छात्रों को आई चोटें

विदिशा
विदिशा जिले के नटेरन थाना क्षेत्र अंतर्गत जोहद गांव में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बंगला चौराहा स्थित एक निजी स्कूल की बस, जिसमें करीब 48 छात्र सवार थे, सगड़ नदी पुल पार करते समय अनियंत्रित होकर पुल से नीचे जा गिरी। यह घटना (Vidisha School Bus Accident) सुबह करीब दस बजे की बताई जा रही है।

नदी में पानी नहीं था, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। बस नीचे पत्थरों पर गिरी, जिससे लगभग 28 छात्र घायल हो गए। इनमें कुछ छात्रों को मामूली चोटें आईं, जबकि कुछ गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए राजीव गांधी शासकीय जन चिकित्सालय, गंजबासौदा लाया गया।
 
गंभीर रूप से घायल लगभग पांच छात्रों की हालत को देखते हुए उन्हें विदिशा मेडिकल कॉलेज के अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायल छात्रों की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। बताया गया है कि सभी बच्चे स्कूल की ओर से पिकनिक मनाने सांची जा रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया।

विदिशा पुलिस ने बताया कि हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पुल की संकरी चौड़ाई और चालक द्वारा सामने से आ रहे वाहन को रास्ता देने के प्रयास के दौरान बस का संतुलन बिगड़ गया, जिससे यह दुर्घटना हुई।

हादसे के बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत अभिभावकों को सूचना दी और घायलों के लिए आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। स्कूल के प्रधानाचार्य ने बताया कि यह घटना छात्रों के लिए बेहद भयावह रही, लेकिन राहत की बात यह है कि किसी भी छात्र की जान को खतरा नहीं है।

इस दुर्घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में संकरे पुलों और सड़कों पर यातायात सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसे मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतें और स्कूल बसों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here