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पिछले पांच बरसों में प्रयागराज में तेजी से बढ़ा पर्यटकों का फुटफॉल

महाकुंभ 2025 की वजह से माघ मेला 2026 में विदेशी पर्यटकों में 20–25% की और घरेलू पर्यटकों में 15–18% की वृद्धि का प्रशासन का अनुमान

प्रयागराज
पर्यटन के वैश्विक पटल पर उत्तर प्रदेश को प्रमुख स्थान पर स्थापित करने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार सतत प्रयास कर रही है।  योगी सरकार के प्रयास से ही यूपी में पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिली है। यूनेस्को ने प्रयागराज महाकुंभ को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में स्थान दिया है । पर्यटकों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी को भी इसी के परिणाम के तौर पर देखा जा  रहा है। इसका असर संगम के तट पर 3 जनवरी से लगने जा रहे आस्था के  जन समागम माघ मेला 2026 में भी परिलक्षित होगा। 

ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनने की तरफ प्रयागराज
महाकुंभ 2025 में मिली अभूतपूर्व सफलता और रिकॉर्ड संख्या में पहुँचे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के अनुभवों को आधार बनाकर प्रशासन प्रशासन प्रयागराज को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के विस्तृत रोडमैप पर कार्य कर रहा है । कमिश्नर प्रयागराज सौम्या अग्रवाल का कहना है कि प्रयागराज महाकुंभ 2025 के दिव्य, भव्य और स्वच्छ आयोजन के बाद वैश्विक पटल पर कुंभ नगरी प्रयागराज को विशेष पहचान मिली है। साल 2022 में प्रयागराज में पर्यटकों का जो फुटफॉल 2.66 करोड़ था वह इस साल जनवरी से सितंबर तक बढ़कर 68.21 करोड़ पहुंच गया । इसे सरकार लगातार प्रोत्साहित कर रही है। इस बार का माघ मेला अब केवल एक परंपरागत धार्मिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि भारत की आध्यात्मिक,सांस्कृतिक पहचान और सुगठित प्रशासनिक क्षमता का समृद्ध प्रदर्शन का साक्षी बनेगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने स्वयं इस बात का संज्ञान लेते हुए इस बार के माघ मेले में 12 से 15 करोड़ के बीच पर्यटकों या श्रद्धालुओं का अनुमान लगाया है। यह अब तक आयोजित सभी माघ मेलो के तीन गुना से अधिक है। आयोजन को ग्लोबल रीच देने के लिए मेला प्राधिकरण कई कदम उठा रहा है। 

विदेशी और घरेलू पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी का अनुमान
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर की गई ब्रांडिंग, डिजिटल प्रचार और महाकुंभ की वैश्विक पहुँच को देखते हुए प्रयागराज महाकुंभ में पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या ने कीर्तिमान बना दिया । पर्यटन विभाग द्वारा महाकुंभ में आने वाले पर्यटकों की संख्या जनवरी 2025 से सितंबर 2025 तक 68 करोड़ 21 लाख 50 हजार 860 रही। महाकुंभ की उसी रणनीति पर चलते हुए माघ मेले की ब्रांडिंग भी उसी का हिस्सा है जिसमें 44 दिन चलने वाले माघ मेले 12 से 15 करोड़ लोग  में आने का अनुमान है। 

महाकुंभ के बाद अब माघ मेले की ब्रांडिंग प्राथमिकता पर
महाकुंभ की ब्रांडिंग के बाद सरकार माघ मेले की ग्लोबल ब्रांडिंग भी कर रही है। महाकुंभ 2026 के आयोजन की ब्रांडिंग के असर के चलते इस बार माघ मेले में आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी को देखते हुए इस बार का माघ मेले का बजट भी 95 करोड़ कर दिया गया है जो पिछले 2024 के माघ मेले में 79.8 करोड़ था। इसके लिए मेले की बसावट और सजावट पर प्रशासन का फोकस है। कमिश्नर प्रयागराज सौम्या अग्रवाल का कहना है कि विभिन्न माध्यमों से मेला की ब्रांडिंग की योजना है जो इसकी बसावट और सजावट में नजर आएगी।  माघ मेला 2026 के पूरे क्षेत्र की बसावट इस बार विशेष 7 की थीम पर होगी। प्रशासन ने तय किया है कि टेंट सिटी, घाटों की सजावट, LED लाइटिंग व्यवस्था, सांस्कृतिक मंच, थीमेटिक पार्क, स्वागत द्वार, आर्ट इंस्टॉलेशन और सार्वजनिक सुविधाओं तक में आध्यात्मिकता की अनुगूँज स्पष्ट दिखाई देगी।

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