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नाम कई चले, कयास कई लगे… लेकिन पटना से दिल्ली पहुंचे नवीन, बढ़ी सियासी हलचल

पटना 
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन मनोनयन के बाद सोमवार को पटना से दिल्ली जा रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले रविवार शाम को पटना के बांकीपुर से विधायक और नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री नितिन नवीन की नियुक्ति को एक जमीनी कार्यकर्ता, कुशल संगठनकर्ता और चुनाव प्रबंधक के प्रोमोशन की तरह देखा जा रहा है। संयोग देखिए कि भाजपा इस समय 45 साल पुरानी पार्टी है और उसके नेतृत्व के लिए जिन नितिन नवीन को आगे लाया जा रहा है, वो भी 45 साल के ही हैं। भाजपा की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को हुई थी, जबकि नितिन नवीन का जन्म 23 मई 1980 को हुआ।
 
नितिन नवीन को पार्टी ने फिलहाल कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। 2019 में पार्टी अध्यक्ष रहे अमित शाह के नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री बनने के बाद जेपी नड्डा को पहले कार्यकारी और 2020 में पूर्ण अध्यक्ष बनाया गया था। राजनीति के जानकार नितिन नवीन की नियुक्ति को 2026 की शरुआत में होने वाले बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव से पहले उस नजरिए से देख रहे हैं। कायस्थ जाति से ताल्लुक रखने वाले नितिन की ताजपोशी से भाजपा काडर को संदेश जाएगा कि आबादी में जातीय हिस्सा कम भी हो, लेकिन काम में दम हो तो पार्टी का मुखिया भी बना जा सकता है।

शिवराज, धर्मेंद्र, भूपेंद्र, खट्टर जैसे बड़े नेताओं का चल रहा था नाम
जेपी नड्डा की जगह पर भाजपा अध्यक्ष बनने की रेस में शिवराज सिंह चौहान, धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, मनोहर लाल खट्टर, केशव प्रसाद मौर्य समेत कई बड़े-बड़े नेताओं के नाम चल रहे थे। लेकिन नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने हर बार की तरह अगले बीजेपी अध्यक्ष को लेकर सबको चौंका दिया है। नितिन का चयन और प्रोमोशन निश्चित रूप से कई वजहों से हुआ होगा, लेकिन अपनी सीट बांकीपुर से बार-बार जीत और छत्तीसगढ़ में पार्टी की चुनावी सफलता दो अहम कारण रहे होंगे। नीतीश सरकार में बतौर मंत्री नितिन नवीन का कामकाज का तरीका विवादों से दूर रहकर जमीन पर काम करने वाले नेता की रहा है। नितिन नवीन के पार्टी अध्यक्ष बनने से नई टीम में युवाओं की हिस्सेदारी भी बढ़ने के प्रबल आसार हैं, क्योंकि जब अध्यक्ष ही 45 का है तो उपाध्यक्ष और महासचिव किस उम्र के होंगे, यह समझा जा सकता है।

बिहार से पहली बार, सबसे कम उम्र के भाजपा अध्यक्ष भी होंगे नितिन नवीन
नितिन नवीन भाजपा अध्यक्ष बनने पर अपने साथ कई पहली बार लेकर आएंगे। बिहार से भाजपा का कोई नेता पहली बार राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेगा। एक छोटे जाति समूह से आने वाला कोई नेता भी पहली बार अध्यक्ष बनेगा। 45 साल की उम्र में अध्यक्ष बनकर नितिन नवीन भाजपा के सबसे कम उम्र के पहले अध्यक्ष भी बनेंगे। नितिन नवीन पार्टी के मूल राष्ट्रीय संगठन में बिना किसी अहम पद पर रहे अध्यक्ष बनने वाले पहले नेता भी होंगे। जेपी नड्डा की टीम में नितिन राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और छत्तीसगढ़ के प्रभारी हैं। अनुराग ठाकुर जब बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष हुआ करते थे, तब नितिन नवीन भाजयुमो के महासचिव थे।

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