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RSS पर तारीफ, कांग्रेस पर सवाल—दिग्विजय सिंह अब भी अपने स्टैंड पर कायम

 नई दिल्ली/भोपाल

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) की तारीफ कर सनसनी फैला दी है। कई तरह की अटकलों के बीच वह अब भी अपने बयान पर ना सिर्फ कायम हैं, बल्कि दोहरा भी रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने आरएसएस की संगठन शक्ति का खुद को प्रशंसक बताते हुए अब कांग्रेस में सुधार की गुंजाइश भी बताई है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस किसी मुद्दे पर आंदोलन तो अच्छे से खड़ा कर लेती है, लेकिन इसे वोटों में नहीं बदल पा रही है।

दिग्विजय सिंह ने दिल्ली में सीडब्ल्यूसी की बैठक के इतर न्यूज एजेंसी एनआई से बातचीत करते हुए कम से कम दो बार खुद को आरएसएस की संगठन क्षमता का प्रशंसक बताया। उन्होंने कहा, ‘मैं तो शुरू से इस बात को कहता रहा हूं कि आरएसएस की विचाराधारा का मैं विरोधी हूं, क्योंकि वे ना तो पूरी तरह से संविधान को मानते हैं, ना कानून को मानते हैं और अपंजीकृत संस्था है जिस पर कोई कानून लागू नहीं होता। लेकिन उनकी संगठन क्षमता का प्रशंसक इसलिए हूं क्योंकि एक ऐसी संस्था जिसका पंजीयन नहीं है वह आज इतनी शक्तिशाली हो गई कि देश के प्रधानमंत्री लाल किले से कहते हैं कि यह विश्व का सबसे बड़ा एनजीओ है, अरे भई एनजीओ है तो आपका नियम और कानून कहां चले गए। लेकिन मैं इनकी संगठन क्षमता का प्रशंसक हूं।’

कांग्रेस की क्या कमी बताई

यह पूछे जाने पर कि क्या आपको कांग्रेस की संगठन क्षमता कमजोर दिख रही है? वरिष्ठ नेता ने कहा, 'इतना मैं कह सकता हूं कि इसमें सुधार की गुंजाइश है और हर संगठन में सुधार की गुंजाइश रहनी चाहिए।' एक अन्य सवाल के जवाब में दिग्विजय सिंह ने कहा, 'मैं कई बार कह चुका हूं कि कांग्रेस आंदोलन की पार्टी तो है और होना भी चाहिए कि हर बाद पर माहौल बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी इस मामले में होशियार है, अच्छी तरह आंदोलन बनाती है। लेकिन इसको वोटों में परिवर्तित करने में हम कमजोर पड़ते हैं।' उन्होंने कहा कि संगठन को नीचे तक मजबूत करने की आवश्यकता है।

मोदी के जमीन पर बैठे हुए तस्वीर दिखा की थी तारीफ

दिग्विजय सिंह ने पार्टी कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक से पहले शनिवार को भाजपा और आरएसएस की ‘संगठन शक्ति’ की तारीफ कर अपने दल के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी। कार्य समिति की बैठक शुरू होने से पहले दिग्विजय सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पुरानी तस्वीर साझा की जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगे की तरफ नीचे बैठे हुए हैं और उनके पीछे भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं। सिंह ने पोस्ट किया, ‘कोरा वेबसाइट पर मुझे यह चित्र मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार आरएसएस का जमीनी स्वयंसेवक व जनसंघ भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की शक्ति है। जय सियाराम।’

 

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