samacharsecretary.com

ग्वालियर व्यापार मेला में वाहन खरीद पर मिल सकती है 50% रोड टैक्स छूट, परिवहन विभाग का प्रस्ताव

ग्वालियर 

 प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी ग्वालियर व्यापार मेले में वाहन खरीदी पर रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट दी जा सकती है। सैद्धांतिक सहमति के साथ परिवहन विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। विभागीय मंत्री राव उदय प्रताप के अनुमोदन के बाद वित्त विभाग इसका परीक्षण करेगा।

इसका निर्णय मुख्यमंत्री के स्तर पर होगा

सरकार के सूत्रों का मानना है कि इस वर्ष महंगी और कीमती गाड़ियों से रोड टैक्स की पात्रता समाप्त भी की जा सकती है या कम की जा सकती है। इसका निर्णय मुख्यमंत्री के स्तर पर होगा। संभावना है कि शीघ्र ही इस निर्णय हो सकता है। कुछ दिन पहले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस बारे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की थी। इसके बाद ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने भी मुख्यमंत्री से वाहन पंजीयन में छूट देने का अनुरोध किया।

सांसद ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पत्र लिखा

इधर ग्वालियर से सांसद भारत सिंह कुशवाह ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पत्र लिखा है। ग्वालियर व्यापार मेले में हर साल राज्य सरकार वाहनों की खरीदी पर रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट देती है। जिससे 10 लाख रुपये तक के वाहन पर 80 से 90 हजार रुपये तक की बचत हो जाती है।

ऑटोमोबाइल कारोबारियों को उम्मीद थी कि मेले के शुभारंभ अवसर 25 दिसंबर को ही रोड टैक्स छूट की घोषणा हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके बावजूद कारोबारी और ग्राहक आशान्वित हैं कि जनवरी में सरकार यह राहत देगी, जिससे मेले में वाहनों की बिक्री रफ्तार पकड़ेगी।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के जल संसाधन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट पहले ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से ग्वालियर व्यापार मेले (Gwalior Vyapar Mela) में वाहन खरीदी पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स छूट देने का आग्रह कर चुके हैं।
ग्राहकों को बड़ा फायदा होगा

रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट मिलने से न केवल ग्राहकों को बड़ा फायदा होगा, बल्कि मेले में रिकॉर्ड बिक्री भी होगी। हमें पूरा भरोसा है कि जनवरी में सरकार यह घोषणा करेगी।- हरिकांत समाधिया, ऑटोमोबाइल कारोबारी
मेले में सुरक्षा को लेकर सख्ती, अधिकारी रोज करेंगे निरीक्षण

व्यापार मेले में आने वाले सैलानियों को बेहतर, सुरक्षित और सुव्यवस्थित माहौल देने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। प्रभारी कलेक्टर कुमार सत्यम ने निर्देश दिए हैं कि सिटी मजिस्ट्रेट प्रतिदिन पुलिस और मेला प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ मेले का भ्रमण करें, ताकि झूला सेक्टर सहित सभी सेक्टरों में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद बनी रहें। यह निर्देश बुधवार शाम मेला प्राधिकरण कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए।

प्रभारी कलेक्टर ने मेले में अग्नि सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए फायर माकड्रिल कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभाग पूरी तरह तैयार रहें। मेले के फूड सेक्टर में खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमित फूड सैंपलिंग कराई जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मेले में केवल व्यावसायिक गैस सिलेंडर का ही उपयोग किया जाए। यदि कहीं घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल पाया गया तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर आयुक्त नगर निगम प्रतीक राव, एडीएम सीबी प्रसाद, सिटी मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी और मेला प्राधिकरण के सचिव उपस्थित रहे।
राजस्व और पुलिस का संयुक्त भ्रमण रोज

प्रभारी कलेक्टर ने कहा कि राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी प्रतिदिन संयुक्त रूप से भ्रमण करें, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि मेले में आने वाले सैलानियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
पार्किंग में रेट लिस्ट अनिवार्य

मेले में स्थापित सभी पार्किंग स्थलों पर रेट लिस्ट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। तय दर से अधिक राशि वसूलने की कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए, इसके लिए सख्त निगरानी रखने को कहा गया।

25 दिसंबर से 25 फरवरी के बीच मेले का आयोजन

ग्वालियर में 25 दिसंबर से 25 फरवरी के बीच मेले का आयोजन किया जाएगा। ग्वालियर व्यापार मेला की तर्ज पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी अपने गृह जिला उज्जैन में विक्रम व्यापार मेला की शुरूआत की और यहां भी वाहन खरीदी पर रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट दी जाती है। इस वर्ष यह मेला 26 फरवरी से 30 मार्च 2025 तक लगा था।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here