samacharsecretary.com

महिलाओं की गरिमा पर AI का हमला? प्रियंका चतुर्वेदी ने की सख्त कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली
कांग्रेस सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने महिलाओं को टारगेट करने वाले डीपफेक वीडियो और फोटो के खिलाफ केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने हाल ही में सामने आए मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि ये फर्जी कंटेंट महिलाओं को बदनाम करने के लिए बनाए जा रहे हैं। चतुर्वेदी ने बताया कि AI टूल्स से महिलाओं की फोटो को कम कपड़े में या अश्लील तरीके दिखाया जा रहा है, जिससे उनकी गोपनीयता और सम्मान को गहरा आघात पहुंच रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ व्यक्तिगत हमला नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं के खिलाफ सुनियोजित साजिश है। सांसद ने मांग की है कि सरकार तत्काल हस्तक्षेप कर ऐसे फर्जी कंटेंट को प्लेटफॉर्म्स से हटवाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे।
 
पत्र में प्रियंका चतुर्वेदी ने साफ किया कि डीपफेक तकनीक का दुरुपयोग तेजी से बढ़ रहा है, खासकर राजनीतिक और सामाजिक दुश्मनी के चलते। उन्होंने लिखा कि महिलाओं को निशाना बनाकर बनाए जा रहे वीडियो न केवल उनकी छवि खराब करते हैं, बल्कि मानसिक उत्पीड़न का कारण भी बनते हैं। चतुर्वेदी ने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल के मामलों में AI का इस्तेमाल कर महिलाओं की तस्वीरों से छेड़छाड़ की गई, जो असामान्य रूप से घिनौना है। उन्होंने आईटी मंत्रालय से अपील की कि महिलाओं के खिलाफ एआई आधारित हमलों को रोकने के लिए विशेष कानून बने। साथ ही, सोशल मीडिया कंपनियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वे ऐसी कंटेंट को तुरंत ब्लॉक करें। उनका कहना है कि यह मुद्दा वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय है, लेकिन भारत में त्वरित कार्रवाई जरूरी है।

प्रभावित महिलाओं को न्याय दिलाने की मांग
कांग्रेस नेता ने पत्र के अंत में केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि वे इस पर तुरंत संज्ञान लें और प्रभावित महिलाओं को न्याय दिलाएं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह महिलाओं के डिजिटल अधिकारों पर सीधा हमला होगा। प्रियंका चतुर्वेदी की यह पहल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और कई महिला संगठनों ने उनका समर्थन किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि डीपफेक के खिलाफ सख्त नीति बनाना अब जरूरी हो गया है, ताकि तकनीक का दुरुपयोग रोका जा सके।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here