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बिहार के 82,000 शिक्षकों के लिए नीतीश सरकार ने नए साल में दी बड़ी राहत, ऐलान किया गया

पटना 

बिहार के 82 हजार नियोजित शिक्षकों के लिए नए साल की शुरुआत होते ही बड़ा ऐलान कर दिया गया है. नीतीश सरकार की तरफ से सुनहरा मौका शिक्षकों को मिलने वाला है. दरअसल, पांचवीं सक्षमता परीक्षा को लेकर घोषणा कर दी गई है. जिसके मुताबिक, जनवरी के आखिरी या फरवरी के पहले सप्ताह में परीक्षा ली जा सकती है.

ऑफिशियल एक्स अकाउंट के जरिये किया ऐलान

दरअसल, जेडीयू के ऑफिशियल एक्स अकाउंट के जरिये एक पोस्ट शेयर किया गया है. जिसमें पांचवीं सक्षमता परीक्षा को लेकर बड़ी जानकारी दी गई. ऐसे में नए साल पर नियोजित शिक्षकों के लिए यह बेहद खास तोहफा माना जा रहा है. काफी लंबे समय से नियोजित शिक्षकों की तरफ से परीक्षा का इंतजार किया जा रहा था. इस बीच बड़ी घोषणा कर दी गई है.

ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर कर सकते हैं आवेदन

पांचवीं सक्षमता परीक्षा को लेकर नियोजित शिक्षक ऑफिशियल वेबसाइट https://sakshamtabihar.com पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए शिक्षकों को 1100 रुपये देना होगा. क्लास 1 से 12वीं तक के लिए यह परीक्षा आयोजित की जायेगी. पूरे ढाई घंटे की यह परीक्षा होगी, जिसमें 150 ऑप्शनल क्वेश्चन पूछे जायेंगे. इसके साथ ही किसी तरह की परेशानी होने पर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करने की भी सलाह दी गई है.

फर्जी नियोजित शिक्षकों की बढ़ी मुश्किलें

इससे पहले यह भी खबर आई थी कि बिहार में फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी पाने वाले नियोजित शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. निगरानी विभाग की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. राज्य के अलग-अलग जिलों में 2916 नियोजित शिक्षक फर्जी प्रमाणपत्र और जाली अंकपत्र के आधार पर नौकरी कर रहे थे. इन सभी के खिलाफ संबंधित जिलों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.

दिसंबर 2025 तक शिक्षा बोर्ड से कराए गए प्रमाणपत्र सत्यापन में इन शिक्षकों के दस्तावेज फर्जी पाए गए. जांच में सामने आया है कि कुछ शिक्षकों ने अपने अंकपत्र में छेड़छाड़ कर नंबर बढ़ा लिए थे, तो कुछ ने दूसरे व्यक्ति के नाम और रोल नंबर का इस्तेमाल कर नौकरी हासिल कर ली. कई मामलों में प्रमाणपत्र में दर्ज पिता का नाम मेल नहीं खाता, जबकि कई दस्तावेज पूरी तरह जाली निकले हैं.

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