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BJP झारखंड इकाई में बड़ा बदलाव, अध्यक्ष पद के लिए आदित्य साहू सबसे आगे

रांची

झारखंड बीजेपी को जल्दी ही नया पूर्णकालिक अध्यक्ष मिलने जा रहा है. संगठन पर्व के तहत प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होगा. माना जा रहा है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले झारखंड बीजेपी के अध्यक्ष का चुनाव हो सकता है. इसके लिए शनिवार केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम को चुनाव अधिकारी नियुक्त कर दिया गया. ओराम जल्दी ही रांची पहुंच कर प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया को संपन्न कराएंगे. मकर संक्रांति के तुरंत बाद झारखंड बीजेपी को नया अध्यक्ष मिल सकता है. इससे पहले बीजेपी ने 23 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति भी कर दी है जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं.

झारखंड बीजेपी को जल्द ही नया अध्यक्ष मिल जाएगा. भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में अध्यक्ष के चुनाव के लिए चुनाव अधिकारी नियुक्त किया कर दिया है. जुएल ओरांव को पार्टी चुनाव प्रभारी बनाया जाएगा. 20 जनवरी से पहले झारखंड में नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कर लिया जाएगा. ये चुनाव राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले होगा.

भारतीय जनता पार्टी ने इसे लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री जुएल ओरांव को राज्य अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के चुनाव के लिए झारखंड का राज्य चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है.

आदित्य साहू की नियुक्ति कर बीजेपी ने यह संदेश दिया था कि सामान्य कार्यकर्ता भी संगठन की कमान संभाल सकता है. जिला स्तर से राजनीति की शुरुआत करने वाले आदित्य साहू ने प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बनाई और बाद में उन्हें पार्टी ने राज्य सभा भेजा. चर्चा है कि झारखंड के कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू को ही प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है. आदित्य साहू मौजूदा समय में राज्यसभा सदस्य हैं. राजनीति में आने से पहले वो प्रोफेसर थे.

बताते चले कि भारतीय जनता पार्टी लंबे समय से इस दुविधा में है कि वो किसी झारखंड की कमान सौंपे. मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी विधानसभा में नेता विपक्ष भी हैं. अब मरांडी की जगह नया अध्यक्ष बनना था.

पूर्व सीएम और कैबिनेट मंत्री अर्जुन मुंडा और प्रदीप वर्मा के नामों की भी चर्चा है. आदित्य साहू और रघुवर दास ओबीसी हैं, जबकि मुंडा आदिवासी. चुनाव अधिकारी के रूप में नियुक्त किए जुएल ओराम ओडिशा के बड़े आदिवासी नेता हैं. इसके जरिए भी बीजेपी ने इस आदिवासी बहुल राज्य में एक राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया है.

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