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कोहली की मेहनत के मुरीद शास्त्री, बोले– यही रूटीन बनाता है विराट को खास; गिल के लिए बताया सफलता का फॉर्मूला

नई दिल्ली
विराट कोहली करियर के आखिरी पड़ाव पर इस अंदाज में खेल रहे हैं जैसे वो शुरुआती दौर में खेल रहे थे। रनों की वही भूख, मैदान में सब कुछ झोंक देने का वही जज्बा। फिटनेस भी वही, चपलता भी वही। निरंतरता तो लाजवाब। रविवार को जब वह न्यूजीलैंड के खिलाफ बल्लेबाजी कर रहे थे तब पूर्व कप्तान और पूर्व कोच रवि शास्त्री ने कॉमेंट्री के दौरान उनकी खूब तारीफ की। शास्त्री ने कहा कि कोहली का तो ये रूटीन है और उन्होंने उस वक्त दूसरे छोर पर बल्लेबाजी कर रहे भारत के कप्तान शुभमन गिल के लिए कहा कि उनके लिए कोहली के रूप में ब्लूप्रिंट तैयार है।
 
300 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को 39 रन के स्कोर पर रोहित शर्मा के रूप में पहला झटका लगा। हिटमैन अच्छे लय में दिख रहे थे। 2 छक्के भी लगा चुके थे लेकिन 26 के निजी स्कोर पर वह जेमिसन की गेंद पर ब्रेसवेल को कैच थमा बैठे। उसके बाद दर्शकों की शोर के बीच विराट कोहली तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे। दूसरे छोर पर कप्तान शुभमन गिल थे।गिल और कोहली के बीच शानदार शतकीय साझेदारी हुई। जब दोनों बल्लेबाजी कर रहे थे तभी कॉमेंट्री कर रहे हर्ष भोगले ने पूछा- भारत के इस आधुनिक महान क्रिकेटर से नई पीढ़ी क्या सीख सकती है? इसी के जवाब में शास्त्री ने किंग कोहली की जमकर तारीफ है।

रवि शास्त्री ने कहा, ‘एक समय पर एक ही चीज पर ध्यान। भूख। शरीर को उसकी चरम सीमा पर ले जाने की ललक। और मैंने तो अपने समय में देखा है जब मैं टीम के साथ था (बतौर कोच), वर्क एथिक्स में संभवतः कोई उनसे ऊपर नहीं है। मैंने देखा है कि वह कैसे काम करते हैं। सुबह में कितने कैच पकड़ते हैं। आउटफील्ड में कैच फिर कीपर के ग्लव में थ्रो। उनकी बैटिंग और बाकी सारी चीजें, ये तो रूटीन है बस।’ शास्त्री ने आगे कहा, ‘विराट कोहली की तरह का प्रोफेशनलिज्म प्लान से नहीं आता। ये एक सिस्टम है। ये भीतर से क्रिकेट को जीने का तरीका है…तब बैटिंग इनविजिबल प्रॉसेस का विजिबल आउटपुट बन जाता है।’

AI से तैयार इन्फोग्राफ
रवि शास्त्री ने गिल के लिए सलाह दी, 'और अगर गिल अपना करियर इस तरह का विराट बनाना चाहते हैं तो ब्लूप्रिंट पहले से तैयार है- भूख बनाए रखो, शरीर को बचाए रखो और ये सब रूटीन बना लो।'

 

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