samacharsecretary.com

बिहार विधानसभा में कांग्रेस की स्थिति खतरे में, सभी 6 विधायक JDU में शामिल होने की संभावना

पटना 

बिहार की राजनीति में एक बार फिर दलबदल के संकेत मिल रहे हैं। चर्चा है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के सभी छह विधायक पाला बदलकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल हो सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।

 रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा है कि कांग्रेस के सभी छह विधायक मनोहर प्रसाद सिंह, सुरेंद्र प्रसाद, अभिषेक रंजन, आबिदुर रहमान, मोहम्मद कामरुल होदा और मनोज बिस्वान जदयू नेतृत्व के संपर्क में हैं।

हाल ही में पटना स्थित सदाकत आश्रम में आयोजित पारंपरिक दही-चूड़ा भोज से सभी छह विधायकों ने दूरी बनाए रखी। 8 जनवरी को प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम द्वारा बुलाई गई 'मनरेगा बचाओ' अभियान की बैठक में भी विधायक शामिल नहीं हुए। जदयू के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है कि कांग्रेस विधायक अपनी पार्टी की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट हैं और उनके जदयू में शामिल होना बस कुछ ही दिनों की बात है।

विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि जदयू को 85 सीटें मिली थीं। यदि कांग्रेस के 6 विधायक जदयू में आते हैं, तो जदयू की संख्या 91 हो जाएगी, जिससे वह भाजपा को पछाड़कर सदन में सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी। दूसरी ओर, भाजपा भी पीछे नहीं है। वह उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी 'राष्ट्रीय लोक मोर्चा' (RLM) के असंतुष्ट विधायकों पर नजर गड़ाए हुए है ताकि अपना शीर्ष स्थान बरकरार रख सके
कुशवाहा की पार्टी में फूट के आसार

एनडीए के घटक दल RLM के 4 में से 3 विधायक रामेश्वर महतो, माधव आनंद और आलोक कुमार सिंह भाजपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं। कुशवाहा द्वारा अपने बेटे दीपक को कैबिनेट मंत्री बनाने से पार्टी के विधायक नाराज हैं। हाल ही में इन विधायकों ने भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की, जिससे पार्टी टूटने की अटकलें तेज हो गई हैं।
RCP की घर वापसी की चर्चा

जदयू के पूर्व कद्दावर नेता आरसीपी सिंह नीतीश कुमार से अलग होकर प्रशांत किशोर की 'जन सुराज' में शामिल हो गए थे। उनके भी दोबारा जदयू में आने की अटकलें हैं। हाल ही में एक 'कुर्मी सम्मेलन' में नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह की मौजूदगी को राजनीतिक गलियारों में बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here