samacharsecretary.com

बिहार विधानसभा के बजट सत्र में खत्म होगा आरजेडी, कांग्रेस और RLM में टूट का सस्पेंस?

पटना.

बिहार विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत 2 फरवरी से होने जा रही है। यह सत्र कई मायनों में रोचक रहने वाला है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में गठित एनडीए की नई सरकार का सदन में 3 फरवरी को पहला बजट पेश करेगी। सदन की कार्यवाही के दौरान विधायकों के सीटिंग अरेंजमेंट पर भी सबकी निगाहें रहेंगी।

दरअसल, लालू एवं तेजस्वी यादव के राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस और उपेंद्र कुशवाहा के राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में टूट के दावे और अटकलबाजी चर्चा का विषय बनी हुई है। अब इन दावों से सस्पेंस बजट सत्र में खत्म होने के आसार नजर आ रहे हैं। बिहार चुनाव में प्रचंड जीत और नई सरकार के गठन के कुछ दिनों बाद से ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नेताओं की ओर से विपक्ष में टूट के दावे किए जाने लगे। विधानसभा में 25 सदस्यों वाली आरजेडी और 6 सदस्यों वाली कांग्रेस के अधिकतर विधायकों के एनडीए के संपर्क में होने और खरमास के बाद पाला बदलने के दावे किए जा रहे हैं। इससे सियासी पारा गर्माया हुआ है। हालांकि, विपक्ष की ओर से इस बात को लगातार खारिज किया जा रहा है।

कांग्रेस विधायकों की पार्टी के भोज से दूरी
बीते सोमवार को पटना स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया। इसमें पार्टी के कोई भी विधायक नहीं पहुंचे। इससे विपक्ष में टूट के दावों को और बल मिल गया। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कांग्रेस में सब कुछ ऑल इज वेल होने का दावा किया। मगर विधायकों की गैरमौजूदगी सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी रहीं। एनडीए में शामिल उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम में भी खटपट चल रही है। बिहार चुनाव में RLM के 4 विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचे। इनमें से कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता को छोड़ अन्य 3 विधायक शीर्ष नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे हैं। उनकी भाजपा से नजदीकी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

दरअसल, उपेंद्र कुशवाहा ने अपने बेटे दीपक प्रकाश को नीतीश कैबिनेट में मंत्री बनाया, जो किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। इससे पार्टी में नाराजगी बढ़ गई और कई पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया था। इसी वजह से पार्टी के 3 विधायक एकजुटता दिखा रहे हैं। पिछले दिनों तीनों विधायक (माधव आनंद, रामेश्वर महतो और आलोक कुमार सिंह) ने उन्होंने कुशवाहा की लिट्टी पार्टी से दूरी बनाए रखी। हाल ही में वे भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के दही-चूड़ा भोज में दिखे। इससे कुशवाहा की पार्टी में बिखराव की अटकलें लगाई जा रही हैं।

बजट सत्र में खत्म होगा सस्पेंस?
खरमास खत्म हो गया है लेकिन विभिन्न दलों में टूट और खटपट के दावों पर फिलहाल संशय बना हुआ है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले महीने होने वाले बिहार विधानसभा के बजट सत्र में यह सस्पेंस खत्म हो जाएगा। सदन के अंदर आरजेडी-कांग्रेस के विधायक विपक्ष के खेमे में ही बैठेंगे या नहीं, साथ ही आरएलएम के विधायकों का सीटिंग अरेंजमेंट कैसा होगा, यह 2 फरवरी को सत्र के पहले दिन स्पष्ट हो जाएगा।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here