samacharsecretary.com

भारतीय खिलाड़ियों की निगाह इंडोनेशिया मास्टर्स में अच्छा प्रदर्शन करने पर

जकार्ता
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पिछले सप्ताह घरेलू धरती पर खेले गए इंडिया ओपन के निराशाजनक प्रदर्शन को पीछे छोड़कर मंगलवार से यहां शुरू होने वाले 500,000 अमेरिकी डॉलर इनामी इंडोनेशिया मास्टर्स में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे।

पिछले सप्ताह नयी दिल्ली में इंडिया ओपन में लक्ष्य सेन पुरुष एकल के क्वार्टर फाइनल में बाहर हो गए थे। भारत का कोई भी खिलाड़ी किसी भी वर्ग में अंतिम आठ से आगे नहीं बढ़ पाया था। चीनी ताइपे के लिन चुन यी और कोरिया की विश्व में नंबर एक खिलाड़ी आन से यंग ने क्रमशः पुरुष और महिला एकल खिताब जीता।

अब सारा ध्यान जकार्ता पर केंद्रित हो गया है, जहां भारतीय खिलाड़ियों को कड़ा ड्रॉ मिला है और उन्हें अपने से अधिक रैंकिंग वाले खिलाड़ियों के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करनी होगी।

पिछले साल ऑस्ट्रेलियाई ओपन जीतने वाले सातवीं वरीयता प्राप्त लक्ष्य सिंगापुर के जिया हेंग जेसन तेह के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगे, जबकि एचएस प्रणय को मलेशिया के पूर्व विश्व नंबर दो और पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता ली ज़ी जिया की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।

पिछले साल मलेशिया मास्टर्स और सैयद मोदी इंटरनेशनल के फाइनल में पहुंचने वाले किदाम्बी श्रीकांत का मुकाबला जापान के कोकी वातानाबे से, जबकि थारुन मन्नेपल्ली का मुकाबला जापान के युशी तनाका से होगा। आयुष शेट्टी को इंडोनेशिया के तीसरी वरीयता प्राप्त जोनाथन क्रिस्टी की कड़ी चुनौती का सामना करना होगा।

महिला एकल में पांचवीं वरीयता प्राप्त पीवी सिंधू जापान की मनामी सुइजू के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। सिंधू को इंडिया ओपन के पहले दौर में ही वियतनाम की विश्व में नंबर 23 गुयेन थुई लिन्ह से हार का सामना करना पड़ा था।

जूनियर विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता तन्वी शर्मा का मुकाबला जापान की चौथी वरीयता प्राप्त तोमोका मियाजाकी से होगा। उन्नति हुडा पहले दौर में शीर्ष वरीयता प्राप्त चेन युफेई का सामना करेगी जबकि मालविका बंसोड का मुकाबला कनाडा की छठी वरीयता प्राप्त मिशेल ली से होगा। पुरुष युगल में हरिहरन अमसाकरुनन और एमआर अर्जुन चौथे क्वालीफाइंग राउंड में अपनी चुनौती पेश करेंगे।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here