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भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट में अड़चन, सांसद ने ब्लू लाइन का काम रोका, सियासी चर्चाएं तेज

भोपाल

 भोपाल में प्रस्तावित मेट्रो प्रोजेक्ट (Bhopal Metro) को लेकर यातायात समिति की बैठक में बड़ा मुद्दा उठा। गुरुवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में आयोजित बैठक में भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भदभदा से रत्नागिरी तिराहा तक प्रस्तावित मेट्रो की ब्लू लाइन पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई।सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत माता चौराहे से लिली टॉकीज, जहांगीराबाद तक मेट्रो को एलिवेटेड की बजाय अंडरग्राउंड किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस हिस्से में अब तक जो भी काम हुआ है, उसे तुरंत रोका जाए और पूरे प्रोजेक्ट की नए सिरे से प्लानिंग की जाए।

सांसद ने जाहिर की आपत्ति

सांसद आलोक शर्मा (MP Alok Sharma) का कहना था कि यह इलाका शहर का अत्यंत व्यस्त और संवेदनशील क्षेत्र है, जहां मेट्रो का एलिवेटेड निर्माण यातायात, व्यापार और आम नागरिकों की आवाजाही को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की सुविधा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अंडरग्राउंड मेट्रो पर गंभीरता से विचार किया जाए।बैठक में नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन, पुलिस कमिश्नर हरि नारायण चारी मिश्रा, एडीएम सुमित कुमार पांडे, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अवधेश गोस्वामी सहित नगर निगम, पुलिस और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में उठे ये मुद्दे

बैठक में शहर के ब्लैक स्पॉट और लेफ्ट टर्न सुधार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। अधिकारियों ने बताया कि भोपाल में कुल 16 ब्लैक स्पॉट, 37 लेफ्ट टर्न और करीब 200 बिजली के पोल व डीपी शिफ्टिंग की समीक्षा की गई है। इनमें से 11 ब्लैक स्पॉट और 27 लेफ्ट टर्न पर निर्माण कार्य के लिए एजेंसी चयन और टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

बैठक में यह भी तय किया गया कि अगली यातायात समिति की बैठक में पीडब्ल्यूडी के ईएनसी, एनएचएआई, सड़क यातायात के वरिष्ठ अधिकारी और रोड सेफ्टी विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा, ताकि निर्णय प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सके और शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।

 

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