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हरियाणा में पत्रकारों के कल्याण के लिए मंत्री विज ने दी 31 लाख की सहायता

चंडीगढ़.

हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए पत्रकारों की स्वतंत्रता अति आवश्यक है क्योंकि लोकतंत्र के चार स्तंभों (विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मीडिया/प्रैस) में से एक स्तंभ भी कमजोर होगा तो लोकतंत्र डगमगा जाएगा।

विज ने कहा कि स्वतंत्र लोकतंत्र तभी रह सकता है, जब पत्रकार अपनी जिम्मेदारी का सही निर्वहन करें क्योंकि आज के युग में पत्रकार सीसीटीवी की तरह होने चाहिए और समाज की हर गतिविधि को सरकार तक पहुंचाने और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने हेतू एक सेतू की तरह कार्य करें। इसके अलावा, श्री विज ने कहा कि मीडिया जगत में कार्य करने वाले पत्रकारों को डिजीटल/तकनीक का भी सटीक रूप से प्रयोग करना चाहिए ताकि सच दुनिया को बताया जा सकें। विज आज अंबाला में कार्यक्रम में बतौर मुख्य-अतिथि उपस्थित पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने मीडिया वैल बिंग एसोसिएशन की गतिविधियों एवं पत्रकारों के कल्याण हेतू 31 लाख रूपए की राशि अपने ऐच्छिक कोष से देने की घोषणा की।

मीडिया समाज का दर्पण है- विज
विज ने कहा कि मीडिया समाज का दर्पण होता है तथा सरकार व जनता के बीच मीडिया एक मजबूत कड़ी होता है, जो जनता की आवाज को सरकार तक तथा सरकार की उपलब्धियों एवं जनकल्याणकारी नीतियों को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र प्रणाली में चार स्तंब होते है जिनमें विधायिका, कार्य पालिका, न्याय पालिका और मीडिया/प्रैस होती है तथा मीडिया/प्रैस का विधायिका, कार्य पालिका और न्यायपालिका पर नजर रखने का दायित्व मीडिया/प्रैस का होता है क्योकि मीडिया समाज के दर्पण के रूप में अपना काम करता है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आपातकाल तक पत्रकारिता का मुख्य उदेश्य सामजिक दायित्व को निभाते हुए राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य करना रहा है। 

डिजीटल क्रांति की गति ने नए पहिए लगा दिए- विज
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि समय के अनुसार मीडिया जगत में आधुनिकता का संलग्न हुआ है और डिजीटल क्रांति ने मीडिया को सशक्त किया है। उन्होंने कहा कि आज की पत्रकारिता में डिजीटल क्रांति की गति ने नए पहिए लगा दिए हैं। आज हम डिजीटल क्रांति से जुडक़र ब्रेकिंग न्यूज में जी रहे हैं और इंटरनेट और स्मार्टफोन ने पत्रकारिता को ड्राइंग रूम से निकालकर हर इंसान की हथेली में पहुंचा दिया है क्योंकि कही पर भी यदि कोई घटना होती है तो वह अब मोह्ल्ले या शहर में ना रहकर देश और विदेश में सैकेंडों लोगों तक पहुंच जाती है और यह सब डिजीटल क्रांति की देन है। श्री विज ने कहा कि समाज की हर गतिविधि पर फोक्स रखने के लिए मीडिया का दायित्व रहता है मीडिया को अपने दायित्व को सहजता और सटीकता से निभाना होगा क्योंकि फेक न्यूज, पेड न्यूज और क्लिकबेट पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर सवाल खडे कर रहे हैं।

नए तकनीक/आविष्कारों के साथ चलना होगा- विज
विज ने कहा कि उनका मानना है कि आज दुनिया में जो भी नए आविष्कार हो रहे हैं हमें उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलना होगा और नई तकनीक को सीखना होगा। उन्होने कहा कि आज यहां पत्रकारिता जगत में युवाओं को लाने पर बल दिया गया है लेकिन उनके अनुसार इस कार्य में ओर भी आवश्यकता है जिस प्रकार विभागों में कार्य की दक्षता बेहतर हो, उसके लिए प्रशिक्षण दिया जाता है, उसी प्रकार जर्नलिस्म के क्षेत्र में भी इसे करने की जरूरत है यानि जिनका जर्नलिस्म में तकनीक अपनाने के साथ-साथ अन्य अनुभव है उनके द्वारा नई तकनीक के बारे में पत्रकारों को जानकारी देना जरूरी है और ऐसा होने से पत्रकारिता ओर सशक्त होगी।

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