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भारत का US तेल आयात: पीयूष गोयल ने बताया, क्या ये ट्रेड डील का असर है?

 नई दिल्ली
   भारत और अमेरिका में लंबे समय से अटकी ट्रेड डील (India-US Trade Deal) पर बात बन चुकी है और इसे लेकर फ्रेमवर्क भी जारी कर दिया गया है. इसके तहत भारत अमेरिका से तेल का आयात भी करेगा. इसके बाद ये सवाल उठने लगे थे कि क्या ट्रेड डील में ऐसी बाध्यता शामिल की गई है, जिसके चलते देश को US Crude Oil खरीदना होगा. इसे लेकर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal On US Oil Import) ने बड़ा बयान दिया है और ऐसी किसी भी बात से साफ इनकार करते हुए अमेरिकी तेल की खरीदारी को पूरी तरह से रणनीतिक फैसला करार दिया है.

US Oil खरीद पर पर बड़ा बयान
भारत-US के बीच व्यापार समझौते को लेकर Piyush Goyal ने कहा कि अमेरिका से ऊर्जा खरीदने से भारत को तेल के सीमित सप्लायर्स पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी. साथ ही उन्होंने दोहराया कि इसकी वास्तविक खरीदारी बायर्स और सप्लायर्स कंपनियों द्वारा स्वतंत्र रूप से ही की जाती है. गोयल ने जोर देते हुए कहा कि ये निर्णय वाणिज्यिक विचारों से प्रेरित हैं और भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) द्वारा निर्धारित नहीं हैं यानी इस समझौते में ऐसी कोई बाध्यता नहीं रखी गई है.

गोयल बोले- 'ये भारत के हित में…'
एएनआई को दिए एक इंटरव्यू के दौरान केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ढांचा यह अनिवार्य नहीं करता कि कौन क्या और कहां से खरीदेगा?, बल्कि यह सिर्फ व्यापार और अच्छी पहुंच के लिए एक आसान रास्ता मुहैया कराता है. Piyush Goyal  के मुताबिक, अमेरिका से कच्चा तेल (Crude Oil), एलएनजी (LNG) और एलपीजी (LPG) खरीदना भारत के अपने रणनीतिक हित में है, क्योंकि देश अपने ऊर्जा स्रोतों में लगातार विविधता ला रहा है. 

 

US के साथ ट्रेड डील के ये फायदे
इंटरव्यू के दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि Trade Deal के तहक आज जब हमें हाई टैरिफ से काफी कम 18% Tariff मिला है, तो हमें अन्य विकासशील देशों पर वरीयता भी मिली है, जो आमतौर पर हमारे प्रतिस्पर्धी हैं. उन्होंने कहा कि ये डील तमाम सेक्टर्स को व्यापक मौके मुहैया कराएगा. इसके साथ ही हमारे युवाओं, बहनों, महिलाओं के लिए भी अपार अवसर मिलेंगे और साथ ही हमारे किसानों और मछुआरों के लिए भी ये अच्छा है. 

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि हमारे MSMEs तेज रफ्तार से बढ़ेंगे और वे अमेरिका को आवश्यक कई सामग्रियों के आपूर्तिकर्ता बनेंगे. ये समझौता हमारे कपड़ा क्षेत्र, हमारा जूता और चमड़ा क्षेत्र, हमारा खिलौना क्षेत्र, हैंडक्राफ्ट सेक्टर, ऑटो कंपोनेंट्स, फर्नीचर समेत अन्य के लिए असीमित संभावनाओं से भरा हुआ है, जैसा कि अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने भी कहा है. 

दवाओं से डायमंड तक पर हटेगा टैरिफ!
गौरतलब है कि अंतरिम व्यापार समझौते के तहत अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह आने वाले समय में चुनिंदा भारतीय निर्यातों पर Reciprocal Tariff हटा देगा, जिसमें जेनेरिक दवाएं, जेम्स एंड ज्वेलरी, डायमंड और विमान के पुर्जे शामिल हैं. इसके साथ ही भारत से कुछ विमानों और विमान के पुर्जों पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े शुल्क भी हटाए जाएंगे. इस डील के तहत भारत भी अगले पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर वैल्यू के अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान के पुर्जे, कीमती धातुएं, आईटी प्रोडक्ट्स और कोकिंग कोयला खरीदेगा. 

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