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राम की रिहाई: 60 करोड़ के बांड पर 6 लाख में हुए मुक्त, जनसैलाब में स्वागत

भोजपुर
भोजपुर जिले के कोईलवर थाना मालखाने में पिछले तीन वर्षों से कैद 'राम दरबार' की सात अष्टधातु मूर्तियां और एक मुकुट  न्यायालय के आदेश पर रिहा कर दिए गए। सीजीएम न्यायालय में 6 लाख रुपये का बेल बांड भरने के बाद इन बेशकीमती मूर्तियों को सुरक्षित मठ के लिए रवाना किया गया। मूर्तियों की रिहाई की खबर मिलते ही श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और आस्था का माहौल देखा गया।

चोरी के बाद कोईलवर पुलिस ने की थी बरामदगी

मालूम हो कि 21 जनवरी 2023 को बक्सर जिले के कृष्णब्रह्म थाना क्षेत्र स्थित रामजानकी मठ (बड़की धकाईच) से इन मूर्तियों की चोरी हुई थी। चोरी के अगले ही दिन, 22 जनवरी की सुबह कोईलवर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरा-छपरा मोड़ के पास एक कार से सभी मूर्तियां बरामद कर ली थीं। इस कार्रवाई के दौरान एक चोर को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया था, तब से ये मूर्तियां थाना मालखाने में सुरक्षित रखी गई थीं।

300 साल पुराना इतिहास और 60 करोड़ की कीमत

मठ के सचिव कन्हैया दुबे के अनुसार, ये मूर्तियां लगभग 300 वर्ष पुरानी हैं और पूर्वजों की मान्यता है कि इनकी स्थापना नेपाल के महाराजा द्वारा कराई गई थी। अष्टधातु से बनी इन मूर्तियों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 60 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।

रिहा की गई मूर्तियां: भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान, लड्डू गोपाल सहित कुल सात मूर्तियां और एक मुकुट।

बांड की प्रक्रिया: बड़का धकाईच की सरपंच बिंदु देवी एवं कुसुम देवी द्वारा न्यायालय में 6 लाख रुपये का बेल बांड भरा गया।

मठ के लिए रवानगी: पहले भी हुई थी चोरी

थाना से रिहाई के बाद मूर्तियों का विधि-विधान से पूजा-पाठ किया गया और फिर उन्हें बक्सर स्थित रामजानकी मठ के लिए रवाना कर दिया गया। गौरतलब है कि इन मूर्तियों के साथ पहले भी अनहोनी हो चुकी है। वर्ष 2011 में भी इन्हें चोरी किया गया था, जिस दौरान पुजारी की हत्या कर दी गई थी। तब 2013 में इन्हें बरामद कर पुनः स्थापित किया गया था।

 

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