samacharsecretary.com

अमेरिका में लापता भारतीय छात्र का हाल, पुलिस चेतावनी: जीवन भी हो सकता है खतरे में

न्यूयॉर्क

अमेरिका में भारतीय छात्रों की मौत और लापता होने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हाल ही में अमेरिका के बर्कले में 22 साल के भारतीय छात्र साकेत श्रीनिवासैया लापता हो गए हैं। अमेरिकी पुलिस डिपार्टमेंट का कहना है कि साकेत की तलाश की जा रही है। अमेरिकी पुलिस ने उनकी जान को खतरा भीबताया है। मंगलवार की शाम 5 बजे उन्हें आखिरी बार देखा गया था।

पुलिस ने बताया है कि साकेत की लंबाई 6 फीट 1 इंच थीऔर उनका वजन 72 किलो के आसपास था। उनकी आंखें भूरी हैं और बाल छोटे हैं। पुलिस ने इसके अलावा ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। सैन फ्रांसिस्को में कॉन्सुलेट जनरल ऑफ इंडिया ने बयान जारी करते हुए घटना पर चिंता जताई है। बयान में कहा गया गया है कि भारतीय कॉन्सुलेट जनरल को साकेत श्रीनिवासैया के गायब होने की चंता है। वह कर्नाटक के रहने वाले हैं और यूसी बर्कली में पोस्टग्रैजुएट स्टूडेंट हैं। कॉन्सुलेट उनके परिवार और यहां स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है।

श्रीनिवासैया बर्कले की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया में केमिकल ऐंड बायोमॉलीकुलर इंजीनयिरिंग डिपार्टमेंट में पोस्ट ग्रैजुएशन कर रहे थे। उनकी लिंक्ड इन प्रोफाइल के मुताबिक एमएस पीडीपी 26 प्रोग्राम के तहत उन्होंने यहां ऐडमिशन लिया था। उन्होंने आईआईटी मद्रास से 2025 में अपना बीटेक पूरा किया था। इसके बाद विदेश में पढ़ने का मौका मिला और उन्हें यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया में ऐडमिशन मिल गया।

बता दें कि विदेश में पढ़ने वाले भारतीय छात्र के साथ यह कोई पहली घटना नहीं है। अकसर अमेरका और अन्य देशोंमें भारतीय छात्रों के साथ नस्लीय भेदभाव के मामले सामने आते रहते हैं। हाल ही में लोकसभा में एआईएमआईएम असुद्द्दीन ओवैसी ने विदेश में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। उनको जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा था कि सरकार विदेश में पढऩे वाले भारतीय छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देती है। विदेश में मौजूद भारत के मिशन पूरा ध्यान रखते हैं कि भारतीयों के साथ बुरा व्यवहार ना होने पाए।

बता दें कि श्रीनिवासैया के साथ रहने वाले बनेतस सिंह ने उनके गायब होने के बाद मदद के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इसमें लिखा गया था कि श्रीनिवासैया 9 फरवीर से लापता हैं। आखिरी बार बर्कले हिल्स के बाद उन्हें देखा गया था। अगर किसी को भी उनके बारे में पता चलता है तो जानकारी दे। उन्होंने कहा, यह मेरे लिए बहुत मुश्किल समय है अगर कोई भी मदद कर सकता है तो कृपया संपर्क करे।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here