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जेल में बंद सुशील कुमार को राहत मिलेगी या नहीं? हाईकोर्ट ने पुलिस को भेजा नोटिस

नई दिल्ली
पहलवान सागर धनखड़ की मौत के मामले में आरोपी पहलवान सुशील कुमार की जमानत अर्जी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है। इस मामले पर 4 मई को सुनवाई होगी। पहलवान सुशील कुमार ने छह फरवरी को रोहिणी कोर्ट के नियमित जमानत याचिका खारिज करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। पहलवान सुशील कुमार मई 2021 में हुए सागर हत्याकांड में आरोपी हैं और फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में हैं।

राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियन सागर धनखड़ की हत्या के मामले में 13 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। सर्वोच्च न्यायालय ने मुख्य आरोपी पहलवान सुशील कुमार की जमानत रद्द कर दी थी और एक सप्ताह के अंदर सरेंडर करने का निर्देश दिया था। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस संजय करोल और प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने सागर धनखड़ के पिता द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को स्वीकार किया था। याचिका में सुशील कुमार को जमानत देने वाले दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई थी।

सुशील कुमार और अन्य लोगों पर 4 मई, 2021 को कथित संपत्ति विवाद को लेकर शहर के छत्रसाल स्टेडियम के पार्किंग स्थल में हरियाणा के रोहतक के रहने वाले पूर्व जूनियर राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियन सागर धनखड़ और उनके दो दोस्तों सोनू और अमित कुमार पर कथित रूप से हमला करने का आरोप है। सागर धनखड़ की मौत के बाद 18 दिनों तक फरार रहने के बाद सुशील कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, 18 दिनों तक चले इस लुका-छिपी के खेल के दौरान सुशील कुमार ने पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा की यात्रा की थी। आखिर में उन्हें दिल्ली के मुंडका इलाके में गिरफ्तार किया गया था, जहां वे कुछ नकदी लेने गए थे और उन्होंने एक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी से स्कूटी भी उधार ली थी।

अक्टूबर 2022 में, दिल्ली की एक निचली अदालत ने सुशील कुमार और 17 अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय किए थे, जिससे उनके मुकदमे की शुरुआत हुई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिवाजी आनंद ने सुशील कुमार और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए थे, जिनमें हत्या, दंगा और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएं शामिल हैं।

 

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