samacharsecretary.com

ट्रेड फ्रंट पर भारत की तेजी: US डील अप्रैल से शुरू, UK और ओमान समझौते पर अपडेट

नई दिल्ली
भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील मार्च में साइन हो सकती है और यह अप्रैल में लागू हो सकती है। यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की ओर से शुक्रवार को दी गई। साथ ही, गोयल ने कहा कि यूएस के साथ अंतरिम व्यापार समझौते के लीगल टेक्सट को अंतिम रूप देने के लिए भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों की बैठक 23 फरवरी को शुरू होगी। इस महीने की शुरुआत में भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते पर साझा बयान जारी किया था। इसमें अमेरिका में भारतीय निर्यात पर टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि ब्रिटेन और ओमान के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) अप्रैल में लागू होने की संभावना है। न्यूजीलैंड के साथ हुआ समझौता सितंबर में लागू होने की उम्मीद है।
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में गोयल ने कहा कि ग्लोबल ट्रेड का लाभ हर एमएसएमई, प्रत्येक कारोबारी और हर छोटे-बड़े स्टार्टअप तक पहुंचना चाहिए। हमारी कोशिश नए निर्यातकों को आगे बढ़ाना है। साथ ही, हमारे उत्पादों और सर्विसेज को दुनिया के कई देशों और महाद्वीपों पर पहुंचाना है।
बीते हफ्ते, गोयल ने कहा था कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता संप्रभुता को छोड़े बिना उपभोक्ता हितों और निर्यात-आधारित विकास के बीच संतुलन बनाने के लिए तैयार किया गया है।
गोयल ने कहा कि 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था होने के चलते हमने इस समझौते में मजबूत स्थिति में डील की है और अपने देश के आत्मनिर्भर सेक्टर्स को सुरक्षित रखा है। उन्होंने आगे कहा कि चावल, गेहूं, मक्का, बाजरा और दुग्ध जैसे "संवेदनशील" कृषि उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखा गया है, ताकि इस ट्रेड डील का कोई नकारात्मक असर न हो।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, "अमेरिका को दुग्ध, मुर्गी पालन, मांस, गेहूं, चावल, मक्का और सोयाबीन पर कोई शुल्क रियायत नहीं दी गई है।"उन्होंने कहा,  "भारत ने केवल उन वस्तुओं के लिए चुनिंदा पहुंच की अनुमति दी है जिनकी उसे आवश्यकता है या जिनका वह अधिशेष उत्पादन नहीं करता है, जैसे अखरोट, पिस्ता और कुछ विशेष प्रकार की शराब, जिन पर न्यूनतम आयात मूल्य लागू है।"

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here