बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती वित्तीय और कृषि सुविधाएं उपलब्ध करा रही योगी सरकार
एम-पैक्स में बड़े पैमाने पर लगाए जा रहे सोलर हाइब्रिड सिस्टम
माइक्रो-एटीएम, कंप्यूटर, प्रिंटर, सर्वर से किए जा रहे लैस, निर्बाध विद्युत आपूर्ति से मिलेंगी निरंतर सुविधाएं
ऊर्जा आत्मनिर्भरता, सस्ती कृषि सेवाएं और डिजिटल सुविधाएं बन रहीं ग्रामीणों का मजबूत सहारा
लखनऊ,
प्रदेश में सहकारिता तंत्र को आधुनिक रूप देते हुए योगी सरकार बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (एम-पैक्स) को ग्रामीण विकास का मजबूत आधार बना रही है। प्रदेशभर में लगभग डेढ़ हजार एम-पैक्स को हाईटेक सुविधाओं से तैयार किया जा रहा है। यही नहीं इन सभी को सोलर हाइब्रिड सिस्टम से लैस कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने की तैयारी है।
योगी सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों और ग्रामीणों को गांव स्तर पर ही सस्ती वित्तीय सेवाएं, फसली ऋण, उन्नत बीज और उर्वरक उपलब्ध हों। इसी रणनीति के तहत एम-पैक्स को डिजिटल और ऊर्जा के लिहाज से पूरी तरह सक्षम बनाया जा रहा है।
सोलर रूफटॉप से ऊर्जा आत्मनिर्भर बन रहे एम-पैक्स
सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एम-पैक्स भवनों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर सोलर रूफटॉप योजना लागू की गई है। प्रत्येक चयनित भवन की छत पर दो किलोवाट क्षमता का आधुनिक सोलर हाइब्रिड सिस्टम लगाया जा रहा है। अभी लगभग डेढ़ हजार एम-पैक्स में इन संयंत्रों की स्थापना की जा रही है। इससे बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। फिलहाल 500 से अधिक आधुनिक सोलर हाइब्रिड सिस्टम सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं जबकि शेष लगाए जा रहे हैं।
डिजिटल सेवाओं को मिल रहा 24×7 पावर सपोर्ट
सोलर हाइब्रिड सिस्टम लगने के बाद एम-पैक्स पूरी तरह डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। यहां कंप्यूटर, प्रिंटर, सर्वर, माइक्रो-एटीएम
क्यूआर और यूपीआई भुगतान प्रणाली अब बिना रुकावट संचालित की जा रही हैं। इससे ग्रामीणों को बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं गांव में ही आसानी से मिल रहीं हैं और काम में होने वाली देरी समाप्त हो जाएगी।
किसानों को कम दरों पर मिल रहीं अहम सुविधाएं
योगी सरकार अभियान चलाकर एम-पैक्स के जरिए किसानों को फसली ऋण, उन्नत बीज, गुणवत्तापूर्ण उर्वरक, कम दरों पर उपलब्ध करा रही है। ग्रामीण आबादी को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने के लिए सदस्यता प्रक्रिया को डिजिटल पोर्टल और मोबाइल आधारित पंजीकरण से सरल बनाया गया है।
हाईटेक एम-पैक्स मॉडल के जरिए प्रदेश में सहकार से समृद्धि का विजन तेजी से जमीन पर उतर रहा है। ऊर्जा आत्मनिर्भरता और डिजिटल सशक्तीकरण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।





