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इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड रोड का प्लान बदला, अब एलिवेटेड नहीं, जमीन पर ही निर्माण होगा

इंदौर

 इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर को लेकर किसान विरोध कर रहे थे। किसानों के विरोध को देखते हुए सरकार झुक गई है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि मेट्रो पॉलिटन सिटी इंदौर-उज्जैन भविष्य की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण होगा। इस नाते इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड फोर लेन प्रोजेक्ट भी किसानों के हित में उनके सुझाव के अनुरूप एलिवेटेड नहीं जमीनी स्तर पर बनाया जाएगा।

किसानों को मिलेगा उचित मुआवजा
सीएम मोहन यादव ने कहा कि जिन किसानों की भूमि प्रभावित होगी, उन्हें उचित मुआवजा देने के लिये शासन-प्रशासन प्रतिबद्ध है। उन्होंने   इंदौर और उज्जैन जिलों के विभिन्न गांवों से आए किसान प्रतिनिधियों से चर्चा की है। सरकार के फैसले का किसानों ने आभार जताया है।

फोर लेन का हो रहा है निर्माण
मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के माध्यम से 2935.15 करोड़ रुपये की परियोजना के अंतर्गत क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 2 जिलों के 28 ग्रामों को नया स्वरूप और जनसुविधा देने के लिये फोर लेन मार्ग निर्मित किया जा रहा है। उन्नत संरचना के अंतर्गत इंदौर-उज्जैन के मध्य 2 स्थानों वेस्टर्न रिंग रोड और उज्जैन बदनावर मार्ग क्रॉसिंग पर वृहद जंक्शन का प्रावधान है। परिवहन तेज और सुरक्षित रहे इसके लिये प्रत्येक टोल प्लाजा पर आवश्यक प्रबंध भी होंगे।

सिंहस्थ को देखते हुए निर्माण
मोहन यादव ने कहा कि इंदौर-उज्जैन के इस पुराने मार्ग से जानापाव आने-जाने के लिये भी परिवहन होता रहा है। पूर्व के वर्षों में मार्ग के संकुचित होते जाने से जो दुर्घटनाएं होती रही हैं, वह सिलसिला अब थम जायेगा। किसानों से विचार विमर्श के पश्चात इस ग्रीन फील्ड फोर लेन मार्ग परियोजना के कार्यों को गति दी जा रही है। गत 20 फरवरी को अनुबंध निष्पादन के पश्चात अन्य कार्यवाही प्रचलन में है। आगामी सिंहस्थ को देखते हुए यह परियोजना बड़ी जनसंख्या को लाभान्वित करेगी। प्रदेश में सड़क अधोसंरचना को सशक्त करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।

गौरतलब है कि इसे लेकर आसपास के किसानों ने विरोध शुरू कर दिया था। बड़े पैमाने पर किसान अनिश्चितकालीन धरना पर बैठने वाले थे। इसके बाद किसानों को भोपाल बुलाया गया और उनसे बातचीत के बाद सीएम मोहन यादव ने समस्या का हल निकाला है।

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