samacharsecretary.com

होली पर मध्य प्रदेश में दो दिन का अवकाश: तीन मार्च के साथ चार मार्च भी रहेगा सार्वजनिक अवकाश

भोपाल 

मध्य प्रदेश में होली पर्व को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। प्रदेश के हजारों स्थानों पर सोमवार को होलिका दहन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस बार होली का मुख्य दिन कुछ अलग रहेगा, क्योंकि तीन मार्च को खग्रास चंद्रग्रहण है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान सूतक काल लागू रहता है और इस अवधि में उत्सव नहीं मनाया जाता है, इसलिए इस साल होली का रंगोत्सव दहन के दूसरे दिन के बजाए चार मार्च बुधवार को तीसरे दिन मनाया जाएगा। 

राज्य सरकार ने पहले ही तीन मार्च को होली के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था, लेकिन अब रविवार को जारी नए आदेश के अनुसार, अब तीन और चार मार्च 2026 दोनों दिन सार्वजनिक और सामान्य अवकाश रहेगा। यह आदेश ‘निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट 1881’ के तहत लिया गया है। धार्मिक और खगोलीय कारणों से होली उत्सव का दिन बदलना आवश्यक था, ताकि जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस बार होली उत्सव की शुरुआत दो मार्च की रात से होगी, जब पूरे राज्य में होलिका दहन का आयोजन किया जाएगा। उसके बाद रंग उत्सव चार मार्च को मनाया जाएगा।

कन्फ्यूजन खत्म, अब मनाएं जश्न
दरअसल, इस बार होली की तारीख को लेकर लोगों में काफी उलझन थी। कोई 3 मार्च को होली मनाने की तैयारी में था, तो कोई 4 मार्च को। दफ्तर जाने वालों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर छुट्टी कब मिलेगी? शासन ने अब इस भ्रम को पूरी तरह खत्म कर दिया है। मध्य प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है जब होली के मौके पर लगातार दो दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।

कर्मचारी संगठनों की जिद के आगे झुकी सरकार
बता दें कि सरकार ने पहले सिर्फ 3 मार्च यानी कि मंगलवार की छुट्टी घोषित की थी। लेकिन कर्मचारी संगठनों का तर्क था कि चूंकि होली दो दिन मनाई जा रही है, इसलिए 4 मार्च को भी दफ्तर बंद रहने चाहिए। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास भेजा, जिस पर रविवार को मुहर लग गई।

बैंक और दफ्तर सब रहेंगे बंद
जारी अधिसूचना के मुताबिक, 4 मार्च को 'निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट' के तहत छुट्टी घोषित की गई है। इसका मतलब यह है कि उस दिन सरकारी दफ्तरों के साथ-साथ सभी बैंक भी बंद रहेंगे। यह आदेश पूरे प्रदेश में समान रूप से लागू होगा।

प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी जिलों में होली समारोह को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। बता दें, होली का पर्व धार्मिक रीति-रिवाज और खगोलीय स्थितियों को ध्यान में रखते हुए मनाया जाता है। जनता को रंगों और खुशियों के साथ-साथ सावधानी और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है। यह बदलाव इस पर्व को सुरक्षित और आनंददायक बनाने के लिए किया गया है। 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here