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बिहार विधानसभा में गेट नंबर 10 से आगे मीडिया की नो एंट्री

पटना.

बिहार विधानसभा परिसर में आयोजित कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं. प्रशासन की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक मीडिया प्रतिनिधियों की एंट्री केवल गेट संख्या 10 तक ही सीमित है. इसके आगे किसी भी पत्रकार को जाने की अनुमति नहीं दी. सुरक्षा और कार्यक्रम की संवेदनशीलता को देखते हुए यह फैसला लिया गया है.

गेट नंबर 10 ही होगा मीडिया का एंट्री पॉइंट
प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक निर्देश के अनुसार, 5 मार्च को कार्यक्रम के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों के लिए केवल गेट संख्या 10 ही एकमात्र प्रवेश द्वार है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पत्रकारों को इस गेट से आगे जाने की अनुमति नहीं दी. विधानसभा के अन्य सभी द्वारों से मीडिया का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है. सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट कर दिया है कि कार्यक्रम की संवेदनशीलता को देखते हुए यह ‘नो-गो ज़ोन’ तैयार किया गया है.

सुरक्षा का ‘चक्रव्यूह’ या कवरेज पर पहरा?
विधानसभा परिसर में अचानक बढ़ी इस सख्ती के पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं. कई दिग्गज राजनीतिक हस्तियों और वीवीआईपी (VVIP) मेहमानों का जमावड़ा है। किसी भी तरह की सुरक्षा चूक से बचने के लिए पुलिस बल के साथ-साथ अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है. हालांकि, मीडिया गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि क्या इतनी पाबंदी कवरेज को प्रभावित करेगी? प्रशासन का तर्क है कि यह फैसला केवल व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है.

नियमों का उल्लंघन पड़ा तो होगी कार्रवाई
प्रशासन ने न केवल रास्ते सीमित किए हैं, बल्कि सख्त लहजे में चेतावनी भी जारी की है. आदेश में कहा गया है कि जो भी मीडियाकर्मी निर्धारित नियमों या तय सीमा का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. पत्रकारों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय पर गेट संख्या 10 पर पहुंचें और वहीं से अपनी रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें. विधानसभा के आसपास सुरक्षा घेरा इतना कड़ा है कि हर आने-जाने वाले की गहन तलाशी ली जा रही है. प्रशासन का कहना है कि यह कदम किसी को असुविधा पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि कार्यक्रम की सुरक्षा और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है. मीडिया संगठनों से भी सहयोग की अपील की गई है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके.

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