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सतपुड़ा, अमरकंटक और सिंगाजी ने 100% से अधिक उपयोगिता दर से स्थापित किया नया मानक

भोपाल

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) ने विद्युत उत्पादन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि अर्जित की है। कंपनी के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी, सिंगाजी ताप विद्युत गृह दोंगलिया व अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई को फ्लाई ऐश के वैज्ञानिक, सुनियोजित एवं अधिकतम उपयोग के लिये किए जा रहे सतत् प्रयास करने के लिए गोवा में आयोजित 15 वें फ्लाई ऐश उपयोगिता पुरस्कार 2026 समारोह में चार प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा गया। ऊर्जा एवं पर्यावरण प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहित करने वाली एक प्रतिष्ठित संस्था मिशन एनर्जी फाउंडेशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय समारोह में यह सम्मान प्रदान किए गए।

सिंगाजी ताप विद्युत गृह को मिले दो पुरस्कार

समारोह में सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी को स्टेट सेक्टर 500 से 1500 मेगावाट तक वर्ग में और अमरकंटक ताप विद्युत गृह को स्टेट सेक्टर पब्लिक यूटिलिटी 500 मेगावाट से कम वर्ग में फ्लाई ऐश के उत्कृष्ट व असाधारण उपयोग करने करने के लिए पुरस्कृत किया गया। वहीं सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना को दो सर्वोच्च सम्मान फ्लाई ऐश के उत्कृष्ट व असाधारण उपयोग करने और ओवरऑल चैंपियन-फ्लाई ऐश मैनेजमेंट एक्सीलेंस के लिए प्रदान किए गए।

एक करोड़ से अधिक मीट्रिक टन फ्लाई ऐश का निस्तरण

सिंगाजी ताप विद्युत गृह दोंगलिया (खंडवा) द्वारा वित्तीय वर्ष 2024–25 के दौरान कुल 61,21,066 मीट्रिक टन ऐश का सफलतापूर्वक निस्तारण एवं उपयोग सुनिश्चित किया गया। यह उपलब्धि 161 प्रतिशत उपयोगिता दर को दर्शाती है। यह न केवल वर्तमान फ्लाई ऐश के शत-प्रतिशत उपयोगिता का प्रमाण है, बल्कि पूर्व में संचित (लीगेसी) ऐश के बड़े पैमाने पर वैज्ञानिक निस्तारण को भी रेखांकित करती है। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी ने वित्तीय वर्ष 2023 से 2025 तक के निर्धारित किए गए लक्ष्य को 119 प्रतिशत की संचयी उपयोगिता दर से आसानी से हासिल कर 34,12,785 मीट्रिक टन रख को निष्पादित किया। अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 204 प्रतिशत की उपयोगिता दर से 6,66,438 मीट्रिक टन राख का निस्तारण किया। इस प्रकार तीन ताप विद्युत गृहों द्वारा 1,02,00,289 मीट्रिक टन फ्लाई ऐश का निस्तारण किया।

 

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