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सामाजिक सद्भाव बढ़ाने का प्रभावी तरीका है सामूहिक विवाह: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सामाजिक सद्भाव बढ़ाने का सशक्त माध्यम हैं सामूहिक विवाह : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पहले बेटियों के जन्म से ही विवाह की सताती थी चिंता, अब सरकार कर रही बेटियों का कन्यादान
मुख्यमंत्री कन्या/विवाह योजना से जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का बस रहा है घर
शुजालपुर में हुआ सर्व धर्म सामूहिक विवाह सम्मेलन
सम्मेलन में हुआ 162 बेटियों का विवाह और 38 बेटियों का निकाह

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी संस्कृति के मूल में सामाजिकता है, सद्भाव है और इस सद्भाव को बढ़ाने में सामूहिक विवाह सम्मेलन एक बड़ा ही मजबूत और कारगर माध्यम है। बेटियों के पाणिग्रहण संस्कार से बड़ा पुण्य का, कोई दूसरा काम हो ही नहीं सकता। पहले बेटी के जन्म होने के साथ ही उसके परिवार को बेटी की शादी की चिंता सताती थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के माध्यम से मध्यप्रदेश सरकार बेटियों का कन्यादान और विदाई कर रही है। इस योजना से प्रदेश के गरीब-वंचित और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का घर बस रहा है। जन्म से लेकर पढ़ाई, नौकरी, मातृत्व और विवाह तक हमारी सरकार हर कदम पर बहनों-बेटियों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि मितव्ययिता बेहद जरूरी है। इसलिए शादी-ब्याह में होने वाले फिजूलखर्चों से हमेशा बचें। अपने बेटे-बेटियों का विवाह/निकाह सामान्य समारोह या सामूहिक विवाह सम्मेलन में ही करें। इससे जो धन बचे, वह अपने बच्चों के बेहतर जीवन के लिए बचाकर रखें। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र का विवाह भी सामूहिक विवाह सम्मेलन में ही कराया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को मुख्यमंत्री निवास से शुजालपुर (जिला शाजापुर) में हुए सर्व धर्म सामूहिक विवाह सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बेटियों के सम्मान, इनके सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के लिए सदैव ही प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नवविवाहित जोड़ों को बधाई और सफल वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। सम्मेलन में 200 बेटियों का सामूहिक विवाह/निकाह सम्पन्न हुआ। इसमें 162 बेटियों का विधि-विधान से विवाह और 38 बेटियों का कबूलियत निकाह कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर नवविवाहित जोड़े को मंगलाशीष के तौर पर सरकार की ओर से गृहस्थी के लिए 49-49 हजार रूपए दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सामूहिक विवाह सम्मेलन वर-वधु को जन्म-जन्मांतर तक साथ देने की अमरता की बेला का उत्सव है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि यह सामूहिक विवाह सम्मेलन आगे और भी अधिक विशाल बनेगा तथा सभी जरूरतमंद परिवारों के लिए सबसे बड़े मददगार के रूप में अपनी पहचान बनाएगा।

उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार ने विवाह सम्मेलन में कहा कि हमारी सरकार ने समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएं बनाई हैं। सामाजिक सुरक्षा और सद्भाव के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना ने अपनी एक अलग ही पहचान बनाई है। आज के दौर में विवाह आयोजनों में फिजूलखर्ची बढ़ रही है। यह समाज के हित में नहीं है। इसलिए सभी को अपने पुत्र-पुत्रियों का विवाह सामूहिक विवाह और ऐसे आयोजनों में ही कराने की ओर बढ़ना होगा।  परमार ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सभी का जीवन प्रेम, विश्वास, सम्मान और संस्कारों से परिपूर्ण रहे।

सर्व धर्म सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलन में जिला पंचायत अध्यक्ष  हेमराज सिंह सिसोदिया, जनपद पंचायत शुजालपुर की अध्यक्षा मती सीताबाई रामचन्दर पाटोदिया, उपाध्यक्ष मती मंजूबाई गोविन्दसिंह मेवाड़ा, नगर पालिकाध्यक्ष शुजालपुर मती बबीता परमार,  विजय सिंह बैस,  कृपाल सिंह मेवाड़ा,  अशोक नायक,  नरेन्द्र सिंह यादव,  देवेन्द्र तिवारी सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं वर-वधु के परिजन उपस्थित थे।

 

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