samacharsecretary.com

नक्सल कनेक्शन का सुराग: मंगेश के ठिकाने से मिला पत्र, सरेंडर को लेकर उठे सवाल

मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी.

जिले के औंधी थाना क्षेत्र में महाराष्ट्र और बस्तर की सीमा से लगे ग्राम कोहकाटोला के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। जवानों के पहुंचने की भनक लगते ही नक्सली घने जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। हालांकि सर्चिंग के दौरान पुलिस को नक्सल ठिकाने से हथियार, गोला-बारूद और नक्सली मंगेश द्वारा अपने शीर्ष नेता को लिखा गया एक पत्र भी बरामद किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, घटना बीते रविवार शाम की बताई जा रही है। ऑपरेशन के बाद सोमवार को पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह ने प्रेस वार्ता में पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीआरजी, सीएएफ और औंधी थाना पुलिस की संयुक्त टीम नक्सल ठिकाने पर दबिश देने निकली थी, जबकि बस्तर के कांकेर जिले से भी बैकअप लगाया गया था। इलाके में संदिग्ध गतिविधियां देखकर जब जवानों ने घेराबंदी की, तो सिविल ड्रेस में मौजूद नक्सली भागने लगे। जवानों ने पीछा किया, लेकिन घने जंगल का फायदा उठाकर वे बच निकले।

मंगेश के ठिकाने से मिला हथियार और पत्र
सर्चिंग के दौरान पुलिस ने नक्सल ठिकाने से एक इंसास राइफल, 15 जिंदा कारतूस और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की। जानकारी के अनुसार, यह राइफल वर्ष 2010 में कांकेर जिले के दुर्गुकोंदल थाना क्षेत्र के भुस्की गांव से पुलिस से लूटी गई थी, जिसे महिला नक्सली हिड़मे के पास रखा गया था। पुलिस के मुताबिक मौके पर एसीएम स्तर के तीन नक्सली मंगेश, उसकी पत्नी हिड़मे और एक अन्य महिला नक्सली राजे मौजूद थे। उनकी तस्वीरें पुलिस के पास उपलब्ध है और जवानों ने भागते समय उनकी पहचान भी की है। सबसे अहम बरामदगी मंगेश द्वारा अपने शीर्ष नक्सली नेतृत्व को लिखा गया एक पत्र है। इस पत्र में उसने आत्मसमर्पण को लेकर दिशा-निर्देश मांगे हैं। पत्र में लिखा गया है कि “सभी साथी आत्मसमर्पण कर रहे हैं, हमारे लिए क्या आदेश है?” इससे नक्सली संगठन के भीतर बढ़ते दबाव और असमंजस के संकेत मिल रहे हैं।

इलाके में गिने-चुने नक्सली बचे
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, मोहला-मानपुर क्षेत्र में अब केवल 6 सक्रिय नक्सली ही शेष बचे हैं। उन्होंने शेष नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने की अपील की है। पूर्व में मारे जा चुके स्पेशल जोनल कमेटी के नक्सली विजय रेड्डी के बाद आरकेबी डिवीजन लगभग कमजोर पड़ चुका है, लेकिन हिड़मे, राजे और अन्य कुछ नक्सलियों की मौजूदगी की सूचनाएं समय-समय पर मिलती रही हैं।

नक्सल मुक्त होने पर सवाल
गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नक्सलवाद के खात्मे के लिए तय डेडलाइन में अब करीब एक पखवाड़ा ही बचा है। इसके बावजूद मोहला-मानपुर क्षेत्र में नक्सली गतिविधियां पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाई हैं। पुलिस लगातार अभियान चला रही है, लेकिन न तो सभी नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं और न ही गिरफ्तार हो पा रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या तय समय सीमा में यह इलाका पूरी तरह नक्सल मुक्त हो पाएगा।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here