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बिम्सटेक विविध संस्कृतियों को समझने स्थायी मित्रता का अवसर

भोपाल 

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि स्काउटिंग और गाइडिंग के मूल मंत्र ईश्वर, देश के प्रति कर्तव्य तथा दूसरों की सेवा और चरित्र निर्माण मानवता का आधार है। उन्होंने कहा कि बिम्सटेक भारत सहित बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के सदस्य देशों की युवा चेतना के लिए सीखने, समझने और आत्म-विकास का प्रेरक मंच है। उन्होंने क्षेत्र के युवाओं का आह्वान किया कि वह भौगोलिक सीमाओं से परे मानवता, सह-अस्तित्व और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करें। समूचे क्षेत्र के सतत विकास, शांतिपूर्ण, समृद्ध भविष्य के निर्माण में योगदान करें।

राज्यपाल पटेल मंगलवार को बिम्सटेक द्वारा यूथ कल्चरल हेरिटेज एंड सस्टेनेबिलिटी इमर्शन प्रोग्राम के तहत आयोजित शुभारंभ समारोह में सदस्य देशों बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल,लंका, थाईलैंड भारत के स्काउट्स-गाइड्स, रोवर्स-रेंजर्स और पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के तत्वावधान में स्काउट्स और गाइड्स द्वारा आयोजित किया गया था। समारोह का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में किया गया। इस अवसर पर सेंट माउंट फोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल पटेल नगर की छात्राओं ने स्वागत नृत्य की प्रस्तुति दी।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि बिम्सटेक दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया के साझा इतिहास, समुद्री परंपराओं, सांस्कृतिक धरोहर और विकास की सामूहिक आकांक्षाओं का जीवंत स्वरूप है। भारत की सम्पूर्ण विश्व को एक परिवार मानने की भावना “वसुधैवकुटुम्बकम्” का आधुनिक स्वरूप है। उन्होंने कहा कि आयोजन का विषय “विरासत, प्रकृति और सतत भविष्य के लिए नेतृत्व”, भौगोलिक सीमाओं से परे मानवता, सह-अस्तित्व और साझा उत्तरदायित्व के भाव को सुदृढ़ करने वाली महत्वपूर्ण पहल है। युवाओं से कहा कि एक-दूसरे की विविध संस्कृतियों को समझने और सीमाओं से परे स्थायी मित्रता स्थापित करने के इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के विजनरी नेतृत्व में जन-केंद्रित, युवा-संचालित और प्रकृति के प्रति उत्तरदायी विकास के विभिन्न आयामों को भारत ने अपनाया है। इनका अध्ययन कर विकसित एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र निर्माण के प्रयासों को समझा जा सकता है।

संयुक्त सचिव बिम्सटेक एवं सार्कविदेश मंत्रालय सी.एस.आर. राम ने बताया कि मध्य प्रदेश में आयोजित बिम्सटेक कार्यक्रम के माध्यम से 'इंडो-पैसिफिक' और 'ग्लोबल साउथ' के विजन को मजबूती दी गई। 'महासागर' पहल और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के सहयोग से इसे सरकारी नीतियों के बजाय एक जन-आंदोलन बनाया जा रहा है। युवाओं को सांस्कृतिक विरासत और सतत विकास से जोड़ने की पहल है। दिल्ली से बाहर निकलकर गुवाहाटी और महाराष्ट्र के क्रम में आयोजन की चौथी कड़ी मध्यप्रदेश का आयोजन है। उन्होंने कहा है कि नागरिक समाज की यह सक्रियता दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच सहयोग का नया अध्याय लिखेगी।

चीफ नेशनल कमिश्नर भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स डॉ. के.के. खंडेलवाल ने संगठन की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिम्सटेक दक्षिण एवं दक्षिण एशियाई क्षेत्र की साझा संस्कृति और इतिहास का स्वरूप है। उन्होंने बिम्सटेक को बंगाल की खाड़ी को जोड़ने वाला एक सेतु बताते हुए क्षेत्र के युवाओं के लिए नेतृत्व और सहकार के अनुभव प्राप्त करने की पहल बताया है। स्काउट्स-गाइड्स को विरासत, प्रकृति संरक्षण, चरित्र निर्माण और भविष्य के नेतृत्व की जिम्मेदारी उठाने के लिएप्रेरित किया।

स्वागत उद्बोधन सेक्रेट्री जनरल एण्ड प्रेसीडेंट इन काऊंसिल भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स पी.जी.आर. सिंधिया ने दिया। डायरेक्टर स्काउट ब्यूरों एशिया पेसिफिक एस. प्रसन्नावास्तव ने कार्यक्रम की गतिविधियों का संक्षिप्त ब्यौरा प्रस्तुत किया। आभार प्रदर्शन नेशनल कमिश्नर ऑफ स्काउट्स भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स मनीष मेहता ने दिया।

कार्यक्रम में स्टेट चीफ कमिश्नर भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स मध्यप्रदेश पूर्व मंत्री पारस चंद्र जैन, सेवानिवृत्त वरिष्ठ आई.पी.एस. पवन कुमारवास्तव, डायरेक्टर भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स सुश्री दर्शना पावस्कर, एडिशनल चीफ कमिश्नर भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स एम.ए. खालिद मंचासीन थे।

 

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