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बिजली लाइन बनी काल, ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे में महिला और मासूम की जान गई

भोपाल

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस इलाके में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में महिला और 7 साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा उस समय हुआ जब एक बंजारा परिवार ट्रैक्टर-ट्रॉली से चारा लेने जा रहा था। ट्रॉली में अधिक चारा लाने के लिए करीब 10 फीट लंबे लोहे के पाइप लगाए गए थे, जो रास्ते में झुकी हुई हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गए। इस टक्कर के साथ ही तेज करंट पूरे वाहन में फैल गया, जिससे ट्रॉली में सवार लोग उसकी चपेट में आ गए। हादसे में लीला बाई बंजारा (30) की साड़ी में आग लग गई और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके साथ मौजूद 7 वर्षीय बेटे अनिल की भी झुलसने से मौत हो गई।

हादसे में ट्रैक्टर चालक विनोद बंजारा (27) और केसर बाई गंभीर रूप से झुलस गए। करंट के झटके से दोनों वाहन से नीचे गिर गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

बताया जा रहा है कि यह परिवार राजस्थान के बारां जिले के खेड़ली गांव का रहने वाला है। परिवार कोलारस के पास टोल प्लाजा के नजदीक अस्थायी डेरा डालकर हर साल की तरह चारा खरीदकर बेचने का काम कर रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीछे आ रही दूसरी ट्रैक्टर-ट्रॉली के लोगों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल पर हाईटेंशन लाइन काफी नीचे लटक रही थी और आसपास के पेड़ों के कारण साफ दिखाई भी नहीं दे रही थी। वहीं, ट्रॉली से बाहर निकले लोहे के पाइप इस हादसे का मुख्य कारण बने।
कोलारस एसडीओपी अमरनाथ वर्मा ने बताया कि यह एक बेहद दुखद और टाला जा सकने वाला हादसा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नीचे लटकी बिजली लाइन और ट्रॉली से बाहर निकले लोहे के पाइप के कारण यह दुर्घटना हुई।

उन्होंने कहा कि यह भी जांच की जा रही है कि बिजली लाइनों के लिए तय सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसानों और वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे बिजली लाइनों के पास ऊंचे उपकरण लेकर जाते समय विशेष सावधानी बरतें।

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