samacharsecretary.com

यूपी में उल्टा दांव, उपभोक्ता ने विभाग से मांगा मुआवजा, स्मार्ट मीटर और सर्वर की खराबी ने पहुंचाई आर्थिक चोट

महराजगंज
महराजगंज जिले के दुकानदार अजय गुप्ता ने बताया कि उनके दुकान पर स्मार्ट मीटर लगा है। 23 मार्च को बिल जमा करने गए तो सर्वर खराबी के कारण भुगतान नहीं हो सका। अगले दिन 24 मार्च को 8618 रुपये का भुगतान किया। इसके बावजूद 26 मार्च को अचानक बिजली आपूर्ति बंद हो गई।

बिजली विभाग को दुकानदार ने भेजा 1.69 लाख का नोटिस, अफसर दंग; जानें पूरा मामला
 आपने अक्सर बिजली विभाग से उपभोक्ताओं को नोटिस जारी होते देखा-सुना होगा। लेकिन उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में स्मार्ट मीटर की बीलिंग व्यवस्था से परेशान एक कामर्शियल उपभोक्ता ने बिजली विभाग को 1.69 लाख रुपये के नुकसान का नोटिस भेज दिया है। नोटिस देखकर बिजली विभाग के अधिकारी दंग रह गए हैं। उपभोक्ता का आरोप है कि विभागीय तकनीकी खामी और बिल अपडेट में देरी के कारण उसे सात दिन में पांच बार बिल जमा करना पड़ा, बावजूद इसके बिजली आपूर्ति बाधित रही।

महराजगंज जिले के धनेवा-धनेई चौराहे के दुकानदार अजय गुप्ता ने बताया कि उनके दुकान पर स्मार्ट मीटर लगा है। 23 मार्च को बिल जमा करने गए तो सर्वर खराबी के कारण भुगतान नहीं हो सका। अगले दिन 24 मार्च को वेबसाइट पर दिख रहे 8618 रुपये का भुगतान किया। इसके बावजूद 26 मार्च को अचानक बिजली आपूर्ति बंद हो गई।

शिकायत करने पर विभाग ने 5444 रुपये बकाया बताया, जिसे 29 मार्च को जमा किया गया। इसके बाद भी मीटर में बार-बार माइनस बकाया दिखता रहा।उपभोक्ता को 1500 रुपये और फिर 500 रुपये अतिरिक्त जमा करने पड़े। इसके बाद 30 मार्च को आपूर्ति बहाल हो सकी।

दुकानदार का कहना है कि चार दिन बिजली गुल रहने से दुकान में रखा दूध, पनीर व खोया खराब हो गया, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ। उपभोक्ता ने कहा कि यदि पहली बार में सही बिल प्रदर्शित होता तो न तो बार-बार भुगतान करना पड़ता और न ही यह नुकसान होता।

इस मामले में अधिवक्ता केसरी नंदन तिवारी के माध्यम से एक्सईएन को नोटिस भेजकर 15 दिन के भीतर 1.69 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गई है। चेतावनी दी गई है कि तय समय में भुगतान नहीं होने पर उपभोक्ता फोरम में वाद दाखिल किया जाएगा, जिसमें विभाग को नोटिस खर्च और अधिवक्ता फीस भी वहन करनी होगी।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here