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सीएम सैनी का बड़ा फैसला: गुरुग्राम में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी मजबूती

 गुरुग्राम

दिल्ली से सटे गुरुग्राम में बढ़ती आबादी और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए हरियाणा सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गुरुग्राम में विभिन्न स्थानों पर 100 से 150 बेड की क्षमता वाले चार अतिरिक्त अस्पताल इसी तर्ज पर खोलने के प्रस्ताव तैयार किए जाएं। मुख्यमंत्री का यह निर्देश न केवल शहर के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि भविष्य की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री सैनी ने यह महत्वपूर्ण निर्देश गुरुग्राम में निर्माणाधीन शीतला माता देवी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक के दौरान दिए। यह परियोजना सहकारी संघवाद और स्थानीय निकायों के आपसी सहयोग का अनूठा उदाहरण है। इसका इंफ्रास्ट्रक्चर जीएमडीए का 50 फीसदी, नगर निगम गुरुग्राम का 45 फीसदी और श्री माता शीतला देवी श्राइन बोर्ड पांच फीसदी के वित्तीय सहयोग से तैयार हो रहा है।

आयुष्मान के लाभार्थियों को प्राथमिकता
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल के आरक्षित बेड पर आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य केवल बिल्डिंग खड़ी करना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ऐसी सेवाएं देना है जो गुरुग्राम को वैश्विक स्वास्थ्य मानचित्र पर स्थापित करें। मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बैठक में प्रोजेक्ट की बारीकियों को साझा किया।

आरक्षण और किफायती शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्णय लेते हुए निर्देश दिए कि गुरुग्राम के सेक्टर-102ए खेड़की माजरा में बन रहे इस अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज की 150 एमबीबीएस सीटों और 850 बेडों में से 33-33 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा के विद्यार्थियों और स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित किया जाए। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि आरक्षित सीटों पर फीस अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों के समान ही रखी जाएगी, जिससे राज्य के मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से सामान्य परिवारों के छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के लिए भारी-भरकम फीस नहीं भरनी होगी।

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