samacharsecretary.com

विदेश में संकट में भारतीय मजदूर, सिंगापुर की कंपनियों पर वेतन नहीं देने का आरोप

 नई दिल्ली

सिंगापुर में भारतीय हाई कमीशन ने शाम को कहा कि वे सिंगापुर की उन तीन कंपनियों के कर्मचारियों के संपर्क में हैं, जिन्हें महीनों से सैलरी नहीं मिली है. वे 'नेशनल ट्रेड्स यूनियन कांग्रेस' और 'मिनिस्ट्री ऑफ मैनपावर' के साथ भी तालमेल बिठा रहे हैं, जो प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं. SK इंडस्ट्रीज, KPA इंजीनियरिंग और VVR प्लांट इंजीनियरिंग ने भारत और बांग्लादेश के 400 से ज्यादा कर्मचारियों को बिना वेतन और रहने की जगह के छोड़ दिया है। 

 रिपोर्ट के मुताबिक, इन तीनों कंपनियों के एक कॉमन डायरेक्टर की पहचान भारतीय नागरिक रामू पलानी वेलु के तौर पर हुई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि सिंगापुर के स्थायी निवासी रामू के बारे में माना जा रहा है कि वे देश छोड़कर चले गए हैं। 

कॉर्पोरेट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म 'सयारी' की जांच से पता चला है कि वे सिंगापुर में सात कंपनियों के डायरेक्टर हैं, जो एयर-कंडीशनिंग, प्लंबिंग और बिल्डिंग से जुड़ी सेवाएं देती हैं।

मजदूरों को दिए गए शॉपिंग वाउचर
NTUC के सेक्रेटरी-जनरल एनजी ची मेंग, माइग्रेंट वर्कर्स सेंटर के प्रतिनिधि और मैनपावर राज्य मंत्री दिनेश वासु डैश ने बुधवार को मजदूरों से मुलाकात की और उन्हें मदद का भरोसा दिलाया. मजदूरों को SGD200 नकद और सुपरमार्केट शॉपिंग वाउचर दिए जा रहे हैं. इसके साथ ही, उनके रहने के लिए दूसरी जगह का इंतजाम किया जा रहा है और उन्हें नौकरी दिलाने की कोशिशें भी चल रही हैं। 

जिन प्रवासी मजदूरों को वेतन नहीं मिला था, उन्होंने सोमवार को मैनपावर मंत्रालय को इस मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि वे एयर-कंडीशनिंग मेंटेनेंस सर्विस देने वाली KPA इंजीनियरिंग और उससे जुड़ी कंपनी SK Industries में अपने मालिकों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं. एनजी ने कहा कि 'ट्राइपार्टाइट अलायंस फॉर डिस्प्यूट मैनेजमेंट' और ट्राइपार्टाइट पार्टनर इस मामले से जुड़े मालिकों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। 

रिपोर्ट के मुताबिक, रामू ने 2025 में VVR प्लांट इंजीनियरिंग का कामकाज संभाला. इससे पहले यह कंपनी भारतीय नागरिक रवि विक्टर और रवि विजयारानी, ​​और उनके सिंगापुर में रहने वाले बेटे रवि मार्टिन अब्राहम की थी. 23 साल के मार्टिन ने बताया कि परिवार ने यह कंपनी रामू को बेच दी थी. उन्होंने कहा, 'नई कंपनियों के लिए परमिट मिलना आसान नहीं है, इसलिए हमें लगा कि उन्होंने इसी वजह से हमारा पारिवारिक बिजनेस खरीदा है। 

इस कंपनी को काफी कीमती माना जाता था क्योंकि इसके पास खास प्रोसेस सेक्टर के लिए वर्क परमिट थे, जिनसे जुरोंग आइलैंड जैसी जगहों पर प्रोसेस कंस्ट्रक्शन और मेंटेनेंस का काम किया जा सकता है। 

रामू ने साल 2014 में अपना पहला बिजनेस KPA इंजीनियरिंग शुरू किया था और आखिरी बार इसकी कैपिटल SGD 1 मिलियन दर्ज की गई थी. रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय नागरिक सुंदरमूर्ति कोमथी ने 2016 से 2018 के बीच रामू के साथ कंपनी डायरेक्टर के तौर पर काम किया.  उनके जाने के बाद कृष्णमूर्ति सुंदरमूर्ति 2020 में डायरेक्टर बने और अभी भी एक्टिव डायरेक्टर हैं। KPA इंजीनियरिंग में काम करने वाले सैम ने बताया कि कर्मचारी रामू को 'बिग बॉस' के तौर पर जानते थे, जबकि रोजमर्रा का कामकाज मूर्ति नाम का एक भारतीय नागरिक संभालता था. सैम ने कहा, 'हम मूर्ति से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया है। 

साल 2019 में रामू ने SGD 100,000 की रजिस्टर्ड कैपिटल के साथ 'कम्फर्ट एयर इंजीनियरिंग' शुरू की और वह इसके अकेले डायरेक्टर हैं. साल 2023 में, उन्होंने SGD200,000 की कैपिटल के साथ 'SK इंडस्ट्रीज' रजिस्टर की और इसके भी अकेले डायरेक्टर हैं, जबकि सुंदरमूर्ति कोमथी इसके शेयरहोल्डर हैं। 

साल 2025 में रामू ने एक ही दिन में तीन और कंपनियां रजिस्टर कीं- KMS इंटीग्रेटेड, GM इंटीग्रेटेड और HVS इंडस्ट्रीज. वे इन तीनों के अकेले डायरेक्टर हैं. KMS को SGD100,000 की कैपिटल के साथ रजिस्टर किया गया था, जबकि GM और HVS में से हर एक की कैपिटल SGD10,000 थी। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिनिस्ट्री ऑफ मैनपावर ने इशारा किया है कि वह नियमों के संभावित उल्लंघन के लिए KPA इंजीनियरिंग और SK इंडस्ट्रीज की जांच कर रही है. यह मामला 400 से ज्याजा ऐसे कर्मचारियों से जुड़ा है, जिन्हें बिना सैलरी और रहने की जगह के छोड़ दिया गया था. अब भारत और सिंगापुर के अधिकारी, ट्रेड यूनियन और वर्कर ग्रुप उनकी मदद करने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं। 

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here