samacharsecretary.com

केंद्र ने ठुकराई ₹2.4 करोड़ की फंडिंग, अब चंडीगढ़ प्रशासन को अपने बजट से उठाना होगा खर्च

चंडीगढ़ 

केंद्र सरकार ने समग्र शिक्षा योजना 2026-27 के तहत चंडीगढ़ प्रशासन की स्पेशल एजुकेटर्स और क्लस्टर रिसोर्स सेंटर (CRC) कोऑर्डिनेटर्स के वेतन के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता बढ़ाने की मांग को ठुकरा दिया है। 

प्रशासन ने 23 स्पेशल एजुकेटर्स के लिए प्रति शिक्षक वार्षिक सहायता 6.699 लाख रुपए से बढ़ाकर 10.5 लाख रुपए करने का प्रस्ताव भेजा था। प्रशासन का तर्क था कि वार्षिक वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ता (DA) और एरियर के कारण खर्च बढ़ गया है। इस प्रस्ताव के अनुसार कुल 2.4 करोड़ रुपए की मांग की गई थी।

हालांकि प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (PAB) ने पुराने मानक के अनुसार ही प्रति शिक्षक 6.699 लाख रुपए मंजूर किए। इससे कुल स्वीकृत राशि करीब 1.5 करोड़ रुपए रही। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि अतिरिक्त राशि चंडीगढ़ प्रशासन अपने बजट से उपलब्ध कराए।

CRC कोऑर्डिनेटर्स के लिए प्रस्ताव खारिज
स्पेशल एजुकेटर्स के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता बढ़ाने का प्रस्ताव दूसरे साल खारिज हुआ है। वर्ष 2025-26 में भी प्रशासन ने प्रति शिक्षक सहायता 7.71 लाख रुपए करने की मांग की थी, लेकिन तब भी केंद्र ने 6.699 लाख रुपए के पुराने मानक को ही लागू रखा था। केंद्र ने CRC कोऑर्डिनेटर्स के वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव भी स्वीकार नहीं किया।

प्रशासन ने 20 CRC कोऑर्डिनेटर्स के लिए प्रति व्यक्ति 16.8 लाख रुपए वार्षिक सहायता के हिसाब से 3.3 करोड़ रुपए की मांग की थी। केंद्र ने केवल 1.1 करोड़ रुपए मंजूर किए। इसके तहत 15 कार्यरत कोऑर्डिनेटर्स का 12 महीने का वेतन और पांच खाली पदों के लिए नौ महीने का वेतन 48,708 रुपए प्रतिमाह की दर से स्वीकृत किया गया।

एक करोड़ का फर्नीचर-कंप्यूटर ग्रांट भी नहीं मिली
चंडीगढ़ प्रशासन ने 20 क्लस्टर रिसोर्स सेंटरों के लिए एक करोड़ रुपए का फर्नीचर और कंप्यूटर ग्रांट भी मांगा था, लेकिन PAB ने इसे यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि यह सहायता हर पांच साल में एक बार ही दी जाती है और वर्ष 2024-25 में पहले ही मंजूर की जा चुकी है। सभी 20 CRC के लिए रखरखाव, पढ़ाई का सामान, अन्य जरूरी खर्च, बैठक और यात्रा भत्ता तय नियमों के अनुसार मंजूर कर दिया गया है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here