samacharsecretary.com

US Airstrike on Iran: होर्मुज में फिर भड़की जंग, कमांड सेंटर, रडार और मिसाइल साइट्स समेत 80 ठिकाने तबाह

वाशिंगटन/ तेहरान 
होर्मुज में एक दिन पहले तीन जहाजों पर हुए हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए अमेरिका ने ईरान को गंभीरत नतीजे भुगतने की चेतावनी दी थी. होर्मुज में हुए इन हमलों ने पश्चिम एशिया में जंग की आग फिर से भड़का दी है. अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले फिर से शुरू कर दिए हैं. अमेरिकी सेना ने केशम द्वीप, बंदर अब्बास और सीरिक में हवाई हमले किए हैं। 

ईरानी मीडिया के मुताबिक, दक्षिणी ईरान के केशम द्वीप और बंदर अब्बास में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं. ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक सीरिक में भी सात विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं. ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी के मुताबिक दक्षिणी पोर्ट सिटी सीरिक में कई धमाके हुए हैं. सीरिक के ताहेरुई पियर इलाके में छह् प्रोजेक्टाइल गिरे हैं। 

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हमलों की पुष्टि की है. सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू कर दिए गए हैं. सेंटकॉम ने इन हमलों की वजह होर्मुज स्ट्रेट में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमले को बताया है. सेंटकॉम ने कहा है कि होर्मुज से गुजर रहे तीन जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में ये हमले किए जा रहे हैं। 

सेंटकॉम ने ईरान की ओर से जहाजों पर हुए हमलों को अनुचित, खतरनाक और सीजफायर का उल्लंघन बताया है. वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका हमलों को इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के प्रावधानों का उल्लंघन बताया है. ईरानी विदेश मंज्ञालय ने इसके लिए अमेरिकी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। 

ईरान ने कहा है कि हम अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे. गौरतलब है कि होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिकी वित्त विभाग ने ईरानी तेल के उत्पादन और बिक्री के लिए जारी किया जनरल लाइसेंस रद्द कर दिया था। 

US ने ईरान में 80 ठिकानों पर बरसाए बम
एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. हॉर्मुज स्ट्रेट में तीन कॉमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए की गई. इन ताजा हमलों के बाद ईरान ने भी पलटवार करने की चेतावनी दी है। 

अमेरिकी सेना के मुताबिक, इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, तटीय रडार स्टेशन, एंटी-शिप मिसाइल लॉन्चर, ड्रोन लॉन्च साइट और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की 60 से ज्यादा तेज स्पीड बोट्स को निशाना बनाया गया. इसके अलावा बंदर अब्बास, केश्म द्वीप और सीरिक के आसपास मौजूद कई सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए गए. बंदर अब्बास में शहीद हक्कानी पोर्ट पर भी हमला किया गया है। 

अमेरिका का कहना है कि कुछ घंटे पहले हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन कॉमर्शियल जहाजों, मार्शल आइलैंड्स के एम/टी अल रेकय्यात, सऊदी अरब के एम/टी वेदयान और लाइबेरिया के एम/टी साइप्रस प्रॉस्पेरिटी पर हमला किया गया था. वॉशिंगटन ने इन हमलों के लिए सीधे ईरान को जिम्मेदार ठहराया और इसे युद्धविराम का उल्लंघन माना। 

ईरान में अमेरिका ने कहां-कहां किए हमले?
हमलों के दौरान एक टैंकर में आग लग गई, जबकि बाकी दो जहाजों को भी नुकसान पहुंचा. हालांकि, किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है. ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, सभी हमले ओमान और संयुक्त अरब अमीरात के तट के पास हुए। 

उधर, ईरानी सरकारी मीडिया ने बंदर अब्बास, केश्म और सीरिक में जोरदार धमाकों की पुष्टि की है. ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने अमेरिकी कार्रवाई को अंतरिम समझौते का उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है. वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस कार्रवाई के परिणामों की पूरी जिम्मेदारी अमेरिका की होगी। 

अमेरिका ने फिर ईरान के तेल बेचने पर लगाया बैन
तनाव बढ़ने के साथ ही अमेरिका ने ईरानी तेल की बिक्री से जुड़ी अस्थायी अनुमति भी रद्द कर दी है, जिसे युद्धविराम समझौते के तहत दिया गया था. इसके अलावा अमेरिकी नौसेना के नेतृत्व वाले संयुक्त समुद्री सूचना केंद्र (JMIC) ने हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरे का स्तर बढ़ाकर 'सीवियर' कर दिया है। 

इस पूरी घटनी के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे का कार्यक्रम भी जारी है. उनका पार्थिव शरीर तेहरान से क़ोम और फिर इराक के नजफ ले जाया गया, जहां हजारों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. अंतिम संस्कार में ईरान और इराक के कई शीर्ष नेता शामिल हुए. ईरान की तरफ से राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, फॉरेन मिनिस्टर अब्बास अराकची, मरहूम लीडर के बेटे मुस्तफा खामेनेई, ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के ससुर घोलामाली हद्दाद अदेल और सुप्रीम लीडर के एडवाइजर मोहसेन रेजाई शामिल थे। 

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here