samacharsecretary.com

आधार बना जीवन का आधार- कलेक्टर के पहल से वृद्ध कृषक की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ निराकरण

आधार बना जीवन का आधार- कलेक्टर के पहल से वृद्ध कृषक की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ निराकरण

तकनीकी अड़चनों के बीच फँसा आधार हुआ अपडेट, 75 वर्षीय वासुदेव गुप्ता को मिली राहत, खुले शासकीय योजनाओं के द्वार

रायपुर, 
पहचान का एक छोटा-सा दस्तावेज किसी व्यक्ति के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकता है, इसका जीवंत उदाहरण बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम पंचायत झलपी (पोस्ट-महाराजगंज) निवासी 75 वर्षीय श्री वासुदेव गुप्ता का प्रकरण है। पहचान पत्र न बन पाने के कारण उन्हें लंबे समय से विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित रहना पड़ रहा था। किन्तु  यह बदलाव तब संभव हुआ जब प्रशासन की संवेदनशील सोच ने सेवा संकल्प का प्राथमिकता में रखकर कार्य किया।

चार वर्षों की लंबी भागदौड़ और संघर्ष

       आधार कार्ड आज के समय में हर भारतीय नागरिक की पहचानए वित्तीय लेन.देन और सरकारी योजनाओं का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बन गया है। बीते चार वर्षों के दौरान श्री वासुदेव गुप्ता ने क्षेत्र के लगभग हर आधार केंद्र के चक्कर काटे और कई बार नामांकन भी करवाया। हालांकि, जब भी वे पावती से स्थिति की जांच करवाते, तो हर बार तकनीकी कारणों का हवाला देकर उनका आवेदन निरस्त कर दिया जाता था। इस समस्या के समाधान और पहचान संख्या प्राप्त करने की उम्मीद में उन्होंने अंबिकापुर स्थित सेवा केंद्र तक की दौड़ लगाई, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी। लगातार आ रही इन बाधाओं के चलते उनकी उम्मीदें धीरे-धीरे टूटने लगी थीं।

प्रशासन की संवेदनशील पहल और त्वरित समाधान

      इस मामले में नया मोड़ तब आया जब बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी की संवेदनशील पहल पर जिला प्रशासन ने आम नागरिकों की ऐसी लंबित शिकायतों को प्राथमिकता देते हुए उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला टीम तथा संबंधित तकनीकी कार्यालयों (ई-डीएम, डीसी एवं एमटीओ) ने तकनीकी अड़चनों की गहराई से पड़ताल की। आपसी समन्वय से समाधान का मार्ग निकालते हुए अंततः श्री गुप्ता का दस्तावेज सफलतापूर्वक तैयार कर उन्हें सौंप दिया गया।

खुले शासकीय और जनकल्याणकारी योजनाओं के द्वार

       दस्तावेज के तैयार होते ही वृद्ध कृषक के लिए शासन की तमाम कल्याणकारी योजनाओं के रास्ते खुल गए हैं। इसके अपडेट होने से अब श्री वासुदेव गुप्ता एग्री स्टैक पोर्टल पर अपना पंजीयन करा सकेंगे, जिससे उन्हें सुगमता से धान विक्रय करने और अन्य कृषि-हितैषी योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। इसके अतिरिक्त पेंशन योजना, राशन कार्ड की ई-केवायसी, बैंकिंग सेवाओं तथा ऋण संबंधी प्रक्रियाओं का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है, जिससे वृद्धावस्था में उन्हें आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का संबल प्राप्त होगा।

प्रशासन की दूरदर्शी सोच

         जिला प्रशासन का यह प्रयास केवल एक अकेले प्रकरण के निराकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य एक ऐसी पुख्ता व्यवस्था विकसित करना है जहाँ पहचान से जुड़ी तकनीकी दिक्कतें किसी भी पात्र हितग्राही के अधिकारों के आड़े न आएं। इस दिशा में नामांकन व अपडेशन प्रक्रियाओं को सुगम बनाने, तकनीकी कारणों से अटके मामलों की पहचान कर उन्हें विशेष अभियान के तहत पूरा करने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन के इस संवेदनशील दृष्टिकोण से दूरस्थ अंचलों और वृद्धजनों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर काटने से मुक्ति मिल रही है, जो कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here