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बच्चों की सुरक्षा को लेकर बिहार पुलिस का बड़ा कदम, हर थाने में चाइल्ड हेल्प डेस्क बनेगा

पटना
 बिहार में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य के सभी पुलिस थानों में अब चाइल्ड हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा। इसकी शुरुआत गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर से होगी। गृह विभाग ने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा और उनकी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए यह पहल की है। पुलिस मुख्यालय ने गुरुवार को जारी बयान में इसकी जानकारी दी।

थाने में बच्चों के लिए अलग और सुरक्षित जगह
निर्देश के मुताबिक चाइल्ड हेल्प डेस्क को थाने के ऐसे स्थान पर बनाया जाएगा, जहां बच्चों और उनके अभिभावकों की आसानी से पहुंच हो।

इसे पुलिस थाने के लॉकअप से पूरी तरह अलग रखा जाएगा। डेस्क पर चाइल्ड वेलफेयर पुलिस ऑफिसर और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी के नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे।

बच्चियों के मामलों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती
बच्चियों से जुड़े मामलों के लिए चाइल्ड हेल्प डेस्क पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। डेस्क पर प्रदर्शित संपर्क नंबर 24 घंटे सक्रिय रहेंगे।

बच्चों और उनके अभिभावकों की ओर से मिलने वाली ई-शिकायतों और सहायता के अनुरोधों पर निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई की जाएगी। शिकायत और उस पर की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड भी व्यवस्थित रूप से रखा जाएगा।

पुलिस अधिकारियों की होगी नियमित निगरानी
गृह विभाग ने यह व्यवस्था बिहार पुलिस अधिनियम, 2007 और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू करने का फैसला लिया है।

चाइल्ड हेल्प डेस्क की नियमित निगरानी डीएसपी, विशेष किशोर पुलिस इकाई के प्रभारी और जिला स्तर के अन्य वरीय अधिकारी करेंगे।

2 अक्टूबर तक व्यवस्था, 5 अक्टूबर तक रिपोर्ट
सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि 2 अक्टूबर तक सभी थानों में चाइल्ड हेल्प डेस्क की व्यवस्था लागू कर दी जाए। इसके बाद 5 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजनी होगी।

नई व्यवस्था के जरिए बच्चों और उनके अभिभावकों को थाने में शिकायत दर्ज कराने और सहायता पाने के लिए अलग, सुलभ और सुरक्षित माध्यम उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

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