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पीवी सिंधू भी नहीं बचा सकीं भारत को, जापान ने 3-1 से हराकर किया सफर खत्म

नई दिल्ली
 एशियन गेम्स-2026 में मंगलवाल को भारत को एक बड़ी निराश हाथ लगी है। पीवी सिंधू जैसी स्टार खिलाड़ी से सज्जित भारतीय महिला बैडमिंटन टीम को जापान के हाथों हार का सामना करना पड़ा। जापान ने भारत को 3-1 से मात दी। इसी के साथ भारत का सफर इन खेलों में निराशाजनक रूप से खत्म हो गया।

इस हार के साथ ही भारत का एशियाई खेलों में महिला बैडमिंटन टीम इवेंट में मेडल का सूखा जारी है। भारत ने आखिरी बार साल 2014 में इस इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इस बार उम्मीद की जा रही थी कि भारतीय टीम ये सूखा खत्म करेगी,लेकिन ऐसा नहीं हो सका और जापान ने जबरदस्त घरेलू दर्शकों के समर्थन से भारत को बुरी तरह हरा दिया।

सिंधू ने किया निराश
पूरे देश को सिंधू से बहुत उम्मीदें थीं। उनका मुकाबला तीन बार की वर्ल्ड चैंपियन और पुरानी प्रतिद्वंद्वी अकाने यामागुची से था जो पिछले महीने वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में भी पहुंची थीं। इस साल चार मुकाबलों में से दो बार वर्ल्ड नंबर-3 खिलाड़ी को हराने के बाद सिंधू पूरे आत्मविश्वास में दिखीं और अच्छी शुरुआत करते हुए पहला गेम 23-21 से जीता, लेकिन फिर जापानी खिलाड़ी ने वापसी की और दूसरा गेम 21-18 से जीतकर मैच को निर्णायक गेम में पहुंचा दिया। दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट सिंधू निर्णायक गेम 11-21 से हार गईं। यामागुची की इस जीत से जापान ने 1-0 की बढ़त बना ली।

इसके बाद, 20 साल की टोमोका मियाजाकी ने उन्नति हुड्डा को आसानी से 21-16, 21-18 से हरा दिया। इस जीत ने जापान को 2-0 से आगे कर दिया।

जॉली और गोपीचंद ने जगाई उम्मीद
हालांकि, त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी अगर मैच हार जाती तो भारत की हार यहीं तय हो जाती। इस जोड़ी ने भारत को एक उम्मीद थी। पिछले महीने चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद पूरे आत्मविश्वास से भरी भारतीय जोड़ी ने वर्ल्ड नंबर-3 युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो को हरा दिया। भारतीय जोड़ी ने ये मैच 21-17, 21-16 से अपने नाम किया।

इस जीत ने भारत की वापसी की उम्मीद जगाई जो अगले ही मैच में खत्म हो गई। अगले मैच में युवा तन्वी शर्मा का सामना पूर्व वर्ल्ड चैंपियन नोजोमी ओकुहारा से था। ओकुहारा ने 18 मिनट में 21-12, 21-10 से जीत दर्ज की और जापान को 3-1 से जीत दिलाने में मदद की।

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