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हेमंत सोरेन की मुश्किलें बढ़ीं? PMLA कोर्ट ने आरोप तय करने की प्रक्रिया रोकने से किया इनकार

रांची
बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कोर्ट ने राहत नहीं दी है. पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने आरोप तय करने और ट्रायल की कार्यवाही स्थगित रखने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से दाखिल याचिका खारिज कर दी. अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले में आगे की जांच जारी रहने का मतलब यह नहीं है कि मूल शिकायत पर आरोप तय करने की प्रक्रिया रोक दी जाए.

सोमवार को सिविल कोर्ट में सर्वर डाउन रहने के कारण मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी नहीं हो सकी. इसके बाद अदालत ने आरोप तय करने की अगली तारीख 24 सितंबर निर्धारित की है.

आरोप तय करने की प्रक्रिया रोकने की मांग
मुख्यमंत्री की ओर से दाखिल याचिका में आरोप तय करने और ट्रायल की कार्यवाही को स्थगित रखने का आग्रह किया गया था. सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न आदेशों का हवाला देते हुए दलील दी कि ईडी ने शिकायत पत्र के पैरा-16 में पूरक शिकायत दाखिल करने की अनुमति मांगी है. अधिवक्ता का तर्क था कि जब मामले में आगे की जांच जारी है, तो जांच पूरी होने से पहले आरोप तय कर ट्रायल शुरू करना कानून के सिद्धांतों के विपरीत होगा. इसलिए आरोप गठन की प्रक्रिया को जांच पूरी होने तक स्थगित रखा जाए.

ईडी ने याचिका का किया विरोध
ईडी के विशेष लोक अभियोजक ने मुख्यमंत्री की याचिका का विरोध किया. ईडी की ओर से इसे सुनवाई में देरी करने की रणनीति बताया गया. ईडी का कहना था कि पूरक जांच या शिकायत की संभावना से मूल शिकायत के आधार पर आरोप तय करने की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगती. अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुख्यमंत्री की याचिका खारिज कर दी. अदालत ने कहा कि आगे की जांच जारी रहने के आधार पर मूल शिकायत में आरोप तय करने की प्रक्रिया को नहीं रोका जा सकता.
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हाईकोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत
इससे पहले 18 सितंबर को झारखंड हाईकोर्ट ने भी पीएमएलए की विशेष अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने की हेमंत सोरेन की मांग को खारिज कर दिया था. हाईकोर्ट में यह मामला बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में विशेष अदालत द्वारा उनकी डिस्चार्ज याचिका खारिज किए जाने के बाद पहुंचा था. अब 24 सितंबर को पीएमएलए की विशेष अदालत में आरोप तय करने की प्रक्रिया पर सुनवाई होगी.

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