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सिद्ध बाबा सोढल मेले में लाखों श्रद्धालु पहुंचे, राज्यपाल ने टेका माथा

जालंधर.

पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया सिद्ध बाबा सोढल मंदिर में नतमस्तक होने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गुरुद्वारा सोढल छावनी निहंग सिंघा में भी माथा टेका और देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को इस पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

दर्शन के बाद उन्होंने कहा कि श्री सिद्ध बाबा सोढल के साथ देश और दुनिया भर के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और भावनात्मक जुड़ाव है। यही वजह है कि हर साल लाखों की संख्या में भक्त यहां पहुंचकर नतमस्तक होते हैं। इस अवसर पर उनके साथ सोढल सुधार सभा के अध्यक्ष पंकज चड्ढा, पूर्व विधायक केडी भंडारी, गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पायलट और शिरोमणि अकाली दल के महासचिव मनिंदर पाल सिंह गुंबर समेत कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।

मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
अनंत चौदस के अवसर पर शुरू हुए इस प्रसिद्ध मेले को लेकर मंदिर परिसर और आसपास के दो किलोमीटर के दायरे में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। पूरे क्षेत्र में चार सौ से अधिक स्थानों पर विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों के लंगर लगाए गए हैं। सड़क किनारे सजी दुकानों पर देर रात तक खरीदारी का दौर जारी है। मेला प्रबंधकों के अनुसार, मुख्य दिन लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के नतमस्तक होने का अनुमान है, जबकि दो दिन पहले से ही बड़ी संख्या में भक्त पहुंचना शुरू हो गए थे। अनंत चौदस के दिन श्रद्धालु पारंपरिक धार्मिक रस्में पूरी करेंगे, जिसमें खेतड़ी अर्पित करना और मंदिर में चौदह रोट का प्रसाद चढ़ाना शामिल है।

मेले में सुरक्षा व सुविधाएं –
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रांगण में सोढल मंदिर ट्रस्ट की ओर से एक विशेष काउंटर बनाया गया है, जहां से तमाम गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा, मंदिर के मुख्य द्वार के सामने पुलिस कंट्रोल रूम, स्वास्थ्य विभाग का फ्री मेडिकल कैंप और नगर निगम का कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।

सुरक्षा और सावधानी के मुख्य निर्देश: –

  • बच्चों का हाथ मजबूती से पकड़कर रखें और उनकी जेब में घर का पता व फोन नंबर की पर्ची जरूर रखें।
  • कीमती सामान और महंगे गहने पहनकर मेले में जाने से बचें तथा जेबकतरों से सावधान रहें।
  • झूलों का आनंद लेने से पहले उनकी सुरक्षा और बिजली की तारों की व्यवस्था की जांच कर लें।
  • खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से परहेज करें और किसी भी आपात स्थिति में पुलिस या मेडिकल कैंप से संपर्क करें।

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