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रांची रिनपास में शुरू होगी बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य यूनिट, DPN और MD साइकेट्रिक कोर्स पर जोर

रांची
 रांची के कांके स्थित रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो साइकेट्री एंड अलायड साइंसेज (रिनपास) में मानसिक रूप से बीमार बच्चों एवं किशोरों के इलाज के लिए 20 बेड की यूनिट की स्थापना की जाएगी। इसमें मानसिक रूप से बीमार करनेवाली आदतों जैसे मोबाइल के अधिक प्रयोग आदि को छुड़ाने के लिए बच्चों की काउंसिलिंग की भी व्यवस्था होगी

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने गुरुवार को इस यूनिट को शुरू करने को लेकर संस्थान के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने रिनपास में वर्तमान 100 बेडेड साइकेट्रिक रेजिडेंशियल शेल्टर होम की स्थिति और उपलब्ध क्षमता की जानकारी ली। उन्होंने संस्थान में उपलब्ध संसाधनों और मौजूदा व्यवस्था का आकलन करते हुए आवश्यक सुधार एवं विस्तार की दिशा में कार्य करने के निर्देश पदाधिकारियों को दिए।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था को देखते हुए रिनपास में डीपीएन (डिप्लोमा इन साइकेट्रिक नर्सिंग) कोर्स को दोबारा शुरू करने की आवश्यकता है। उन्होंने इसके लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने को कहा।

उन्होंने साथ ही एमडी साइकेट्रिक का कोर्स दोबारा शुरू करने की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कहा कि इससे मरीजों को बेहतर उपचार और विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

बैठक में संस्थान में स्वीकृत एवं कार्यरत पदों की भी समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सभी पदों का एक बार पुनर्मूल्यांकन कर आवश्यकता के अनुसार पदों का पुनर्गठन किया जाए। जिस क्षेत्र में जिस प्रकार के पदों की आवश्यकता है, उसका आकलन कर प्रस्ताव तैयार किया जाए।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि रिनपास की पुरानी प्रतिष्ठा और बेहतर कार्यप्रणाली को फिर से स्थापित करने की दिशा में भी काम करने की आवश्यकता है। बैठक में विभाग के अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, रिनपास की निदेशक डॉ. जयति सिमलाई, सहायक निदेशक मिथिलेश चौधरी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।

बाल एवं जेरिएट्रिक क्षेत्र में सुपर स्पेशियलिटी की हो पढ़ाई
अपर मुख्य सचिव ने बैठक में बाल एवं जेरिएट्रिक क्षेत्र में सुपर स्पेशियलिटी की पढ़ाई शुरू करने पर भी जोर दिया। कहा कि संस्थान में विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा और उपचार की सुविधाओं का विस्तार होने से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।

 

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