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लोहावट की 3 ढाणियों में पेयजल व्यवस्था मजबूत, ₹1.50 करोड़ से बने जलाशय और पाइपलाइन

जयपुर
कभी पानी का इंतजार रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था। जरूरत के पानी के लिए व्यवस्था पर निर्भरता थी और हर किसी की उम्मीद यही रहती थी कि पानी की सुविधा बेहतर हो और समय पर मिले। फलोदी जिले के लोहावट क्षेत्र की सुथारों की ढाणी (इन्द्रनगर), डूडियो की ढाणी (सदरी) और पुनियों की ढाणी (नौसर) में अब इसी इंतजार की तस्वीर बदलती नजर आ रही है।

इन ढाणियों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत करीब 1.50 करोड रुपये की लागत से किए गए कार्यों ने ग्रामीण पेयजल तंत्र को नया आधार दिया है। तीन उच्च जलाशयों के निर्माण, पाइपलाइन बिछाने सहित अन्य आवश्यक कार्य पूरे होने के बाद इन क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था में सुधार आया है। आज 2,805 ग्रामीण इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।

बजट में घोषणा हुई और गांव तक पहुंचा बदलाव
किसी गांव के लिए पानी की सुविधा केवल एक सरकारी परियोजना नहीं बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी जरूरत है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए इन तीनों ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल तंत्र को सुदृढ़ करने का कार्य किया गया। 15 जनवरी, 2025 को कार्यादेश जारी होने के बाद प्रस्तावित कार्यों को पूरा किया गया। उच्च जलाशयों के निर्माण के साथ पाइपलाइन संबंधी जरूरी कार्य किए गए ताकि पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत आधार मिल सके।

तीन ढाणियां, हजारों ग्रामीणों की बदली तस्वीर
सुथारों की ढाणी, डूडियो की ढाणी और पुनियों की ढाणी – नाम भले तीन हों लेकिन इनसे जुड़ी जरूरत एक ही थी – बेहतर और मजबूत पेयजल व्यवस्था। आज जब इन क्षेत्रों में पेयजल तंत्र पहले से मजबूत हुआ है और 2,805 ग्रामीणों तक योजना का लाभ पहुंच रहा है तो यह बदलाव सिर्फ बने हुए जलाशयों या बिछी पाइपलाइनों में नहीं बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में दिखाई देता है।

मुख्यमंत्री बजट घोषणा से विकास की असली तस्वीर बड़े शहरों की इमारतों में ही नहीं, बल्कि गांव की उन ढाणियों में भी दिखाई देती है, जहां एक बेहतर पेयजल सुविधा लोगों के लिए सुविधा, राहत और भरोसे का आधार बन जाती है।

 

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