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नारायणपुर में जिला स्तरीय रंगोली प्रतियोगिता संपन्न

​रायपुर      

छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायणपुर में सोमवार को जिला स्तरीय महाविद्यालयीन रंगोली प्रतियोगिता का गरिमामय आयोजन किया गया। "सेवा के रंग-राष्ट्र के संग" थीम पर आधारित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं में भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय परंपराओं और रचनात्मक अभिव्यक्ति के प्रति जागरूकता व रुचि विकसित करना रहा।
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जनभागीदारी अध्यक्ष श्री नरेंद्र मेश्राम तथा प्राचार्य एवं जिला नोडल अधिकारी के मार्गदर्शन के सफल संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अतिथियों ने प्रतियोगिता व प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए प्रतिभागियों द्वारा बनाई गई कलाकृतियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उनका उत्साहवर्धन किया।
          
​प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं, शासकीय योजनाओं, राष्ट्रीय एकता, प्राकृतिक व सांस्कृतिक विरासत तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को रंगोली के माध्यम से बेहद रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। इस दौरान स्थानीय और प्राकृतिक सामग्रियों के विशेष प्रयोग ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। कड़े मूल्यांकन मानदंडों—रचनात्मकता, विषयवस्तु, प्रस्तुति, कलात्मकता और प्राकृतिक सामग्री के उपयोग—के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया।
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प्रतियोगिता में शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायणपुर की बी.ए. प्रथम सेमेस्टर की छात्रा सुनीता नुरेटी एवं उनकी साथी ने प्रथम स्थान हासिल किया। द्वितीय स्थान संयुक्त रूप से रामकृष्ण मिशन विवेकानंद महाविद्यालय, नारायणपुर के कपूरचंद व उनकी टीम तथा शासकीय नवीन महाविद्यालय छोटेडोंगर के प्रमोद कुमार नाग व उनकी टीम को मिला। वहीं तृतीय स्थान पर संयुक्त रूप से शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय की भूमिका सोरी व उनकी टीम तथा वीरांगना रामोतीन माड़िया शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय की वीना मातलाम व उनकी टीम रही।
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महाविद्यालय के प्राध्यापकों, अतिथि व्याख्याताओं, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के विशेष सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का समापन भारतीय संस्कृति व परंपराओं के संरक्षण, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और राष्ट्र की "विविधता में एकता" की भावना को और मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।

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