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स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के कुलपति 3 हफ्ते में छोड़ेंगे पद, हाईकोर्ट का निर्देश

चंडीगढ़.

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी सोनीपत के कुलपति पद पर पूर्व आईपीएस अधिकारी अशोक कुमार की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए अहम आदेश जारी किया है।

हाई कोर्ट के समक्ष संबंधित कुलपति की ओर से कहा गया कि वह व्यक्तिगत कारणों से पद पर बने रहने की स्थिति में नहीं हैं और तीन सप्ताह के भीतर इस्तीफा सौंप देंगे। इसके बाद जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने याचिका का निपटारा करते हुए राज्य सरकार को इस्तीफा स्वीकार करने और कुलपति पद पर अंतरिम व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

नियुक्ति को यूजीसी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाकर दी गई थी चुनौती
डॉ. डीएस मोर उर्फ देवेंद्र सिंह मोर और एक अन्य याचिकाकर्ता ने याचिका दायर की थी। इसमें संबंधित विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में अशोक कुमार की नियुक्ति को गैरकानूनी और शुरू से ही अमान्य घोषित करने की मांग की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि नियुक्ति विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के 2018 के नियमों के विपरीत की गई है। इसके अलावा कुलपति के वेतन निर्धारण से जुड़े 15 जुलाई 2024 के पत्र को भी चुनौती दी गई थी।

इस्तीफा स्वीकार होने तक वरिष्ठ डीन संभालेंगे जिम्मेदारी
हाई कोर्ट ने कहा कि कुलपति अपना इस्तीफा तीन सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करेंगे और राज्य सरकार इस्तीफा मिलने के एक सप्ताह के भीतर उसे स्वीकार करेगी। इस बीच विश्वविद्यालय के कानून में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। अदालत ने विशेष रूप से विश्वविद्यालय के नियमों के नियम-दो में दी गई व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि कुलपति का पद इस्तीफे के कारण रिक्त होने की स्थिति में वरिष्ठ डीन को अंतरिम तौर पर कुलपति के कर्तव्यों का निर्वहन कराया जाए। यह व्यवस्था नए कुलपति की नियुक्ति होने तक जारी रहेगी।

नई नियुक्ति में यूजीसी के 2018 नियमों का सख्ती से पालन
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय के अगले कुलपति की नियुक्ति यूजीसी के 2018 के नियमों का पूरी तरह पालन करते हुए की जाए। अदालत ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के डा एस. मोहन बनाम सेक्रेटरी टू द चांसलर, पुडुचेरी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी एवं अन्य मामले में 2026 में दिए फैसले को भी ध्यान में रखने को कहा है।

31 अक्टूबर तक पूरी करनी होगी सभी जरूरी कार्रवाई
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस्तीफा स्वीकार करने, अंतरिम व्यवस्था करने और नए कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने समेत सभी आवश्यक कदम 31 अक्टूबर 2026 तक पूरे किए जाएं। मामले में अदालत की सहायता के लिए नियुक्त एमिकस क्यूरी के सहयोग की भी पीठ ने सराहना की।

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