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इंदौर कुटुंब न्यायालय में अधिवक्ताओं का हंगामा, जज धीरेंद्र सिंह के खिलाफ अभिभाषक संघ ने जताई नाराजगी

इंदौर
 कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश धीरेंद्र सिंह से जुड़े मामले में अधिवक्ताओं में भारी रोष है। न्यायाधीश धीरेंद्र सिंह के कथित अपमानजनक व्यवहार के विरोध में इंदौर अभिभाषक संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। बताया गया कि प्रदर्शनकारी अधिवक्ता जज के कोर्ट रूम में भी पहुँचे और वहाँ विरोध दर्ज कराया।

अधिवक्ताओं का आरोप है कि संबंधित अधिकारी का व्यवहार वकीलों के प्रति लगातार अच्छा नहीं रहा है। उनके अनुसार वकील कोर्ट में आते हैं तो उनसे "आप मुझे दिख नहीं रहे हो" जैसी बातें कही जाती हैं। आरोप यह भी है कि बहस के दौरान वकीलों को अपनी बात पूरी करने और जिरह (क्रॉस) करने नहीं दिया जाता, और उनके मुवक्किलों के सामने ही यह तक कह दिया जाता है कि "आपको वकालत करना नहीं आती, वकालत छोड़कर कोई और काम करें।"

प्रदर्शन में शामिल अधिवक्ता ने बताया कि वे चुनाव जीतकर आए हैं और जब से पदभार संभाला है, तब से इस अधिकारी की रोज शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने कहा, "इस आचरण से वकीलों में काफी रोष था। हम दो बार लिखित में उच्च न्यायालय को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आज सुबह भी हम उच्च न्यायालय में शिकायत करके आए हैं।"

अधिवक्ताओं ने इसके बाद संबंधित वरिष्ठ न्यायाधीश से भी मुलाकात की और उन्हें अपनी बात बताई। उनका कहना है कि उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि आचरण में सुधार न हुआ तो वे उग्र आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेंगे। प्रदर्शन बाल न्यायालय पर भी हुआ, जहाँ संबंधित अधिकारी पीठासीन अधिकारी हैं।

सामाजिक संस्था का समर्थन: इस आंदोलन को सामाजिक संस्था पौरुष, इंदौर ने भी समर्थन दिया। संस्था के अध्यक्ष अशोक दशोरा ने बताया कि वकीलों के साथ हो रहे कथित अन्याय के मुद्दे पर संस्था के सदस्यों ने कोर्ट के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। दशोरा का आरोप है कि अब तक कोर्ट रूम में पुरुषों के साथ जजों द्वारा बदतमीज़ी और अपमान किया जाता रहा है और अब ऐसी घटनाएँ वकीलों के साथ भी हो रही हैं, जिसका संस्था पुरज़ोर विरोध करती है। संस्था के सदस्यों ने "अगर न्याय की बात है, हम एडवोकेट्स के साथ हैं", "अधिवक्ताओं का सम्मान करो" और "गर्व करो, अभिमान नहीं" जैसे नारों की तख्तियाँ लेकर विरोध जताया। आंदोलनकारी वकीलों ने भी हाथों में हाथ लेकर ये नारे लगाए। अभिभाषक संघ के पदाधिकारियों ने संस्था के समर्थन की सराहना की।

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