samacharsecretary.com

नशे के दलदल से निकलकर दूसरों को राह दिखा रहे बॉक्सर परविंदर झोटा

मानसा.

तकरीबन 39 साल का परविंदर सिंह झोटा एक पेशेवर बॉक्सर था, जिसने नशे की गिरफ्त से निकल इसके खिलाफ आवाज उठाई।

तकरीबन 8 साल नशे से दूर रहने के बाद जब पंजाब के हालात बिगड़ते देखे तो अप्रैल 2023 में उसने मानसा में नशे बेचने वालों के खिलाफ मुहीम शुरू कर दी। उन्होंने इस मुहीम को शुरू करने से पहले किसान संगठनों का समर्थन व मार्ग दर्शन लिया। जिसके बाद मुहीम का नाम रखा गया- 'नशा रोको, रोजगार दो'।

जैसे-जैसे परविंदर सिंह झोटा का विरोध आगे बढ़ा, उन्होंने गांवों में मेडिकल स्टोरों और घरों पर छापे मारने शुरू किए और लोगों को नशा न बेचने और नशा न करने की सलाह दी। वे मानसा और बठिंडा में फेमस होने लगा।जिसका असर यह हुआ कि मानसा और बठिंडा के गांवों में नागरिक 'नशा रोको समितियां' बनने लगीं।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here