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बस्तर में बारिश-भूस्खलन का असर, कई ट्रेनें और मालगाड़ियों की आवाजाही प्रभावित

जगदलपुर.

बस्तर की रेल कनेक्टिविटी पर भारी बारिश और भू-स्खलन का असर अब लंबा खिंचता जा रहा है. केके रेललाइन पर मल्लीगुड़ा रेलवे स्टेशन के समीप हुए भू-स्खलन के कारण जगदलपुर की ओर यात्री ट्रेनों का परिचालन प्रभावित है.

जानकारी के मुताबिक, 25 सितंबर को भारी बारिश के दौरान करीब 60 मीटर पटरी के नीचे की मिट्टी बह गई थी, जिससे रेल मार्ग असुरक्षित हो गया. इस घटना के बाद से यात्री ट्रेनें कोरापुट तक ही संचालित हो रही हैं और बस्तर की ओर रेल सेवा बहाल होने का इंतजार जारी है. रेलवे कर्मचारी और मशीनें क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त करने में जुटे हैं. राहत कार्य में एक दर्जन से अधिक जेसीबी और करीब 200 मजदूर लगाए जाने की जानकारी दी गई है. स्टेशन मास्टर श्याम सुंदर चंद्रा के अनुसार, नुकसान की गंभीरता को देखते हुए 22 अक्टूबर से पहले परिचालन बहाल होना मुश्किल है. उन्होंने यह भी आशंका जताई कि यदि मरम्मत के दौरान दोबारा बारिश हुई, तो काम प्रभावित होने से बहाली में और देरी हो सकती है.

रेल मार्ग बाधित होने का असर माल परिवहन पर भी पड़ा है. जानकारी के अनुसार, करीब 40 मालगाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई है. इससे लौह अयस्क के परिवहन और बस्तर को विशाखापत्तनम तथा रायगढ़ की दिशा से जोड़ने वाली रेल व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है. अब यात्रियों और कारोबारियों की निगाह मरम्मत कार्य पूरा होने तथा सुरक्षित रेल परिचालन की बहाली पर टिकी है. रेलवे के सामने चुनौती केवल पटरी की मरम्मत नहीं, बल्कि पहाड़ी क्षेत्र में भविष्य में ऐसे नुकसान से बचाव के उपाय सुनिश्चित करने की भी है.

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