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बी.फार्मा और एम.फार्मा डिग्रीधारियों को राहत, दूसरे सरकारी पदों के लिए बनेगी तीन सदस्यीय समिति

पटना
 बिहार के सरकारी अस्पतालों में नियुक्ति के लिए बी.फार्मा, एम.फार्मा व फार्मा-डी डिग्रीधारियों के धरना-प्रदर्शन के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को स्थिति स्पष्ट कर दी है। संयुक्त सचिव दिनेश कुमार झा द्वारा जारी पत्र के अनुसार, अस्पतालों में फार्मासिस्ट पद पर नियुक्ति की शर्तों में कोई बदलाव नहीं होगा।

वहीं, बी.फार्मा, एम.फार्मा व फार्मा-डी डिग्रीधारियों की उपयोगिता को देखते हुए उन्हें दूसरे सरकारी पदों पर नियुक्त करने, पद सृजन और वेतन निर्धारण के लिए एक तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है।

स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव डॉ. त्यागराजन एसएम को इस समिति का अध्यक्ष, ओएसडी रेणु कुमारी व राज्य औषधि नियंत्रक नित्यानंद किसलय को सदस्य बनाया गया है। इसके साथ ही अस्पतालों में फार्मासिस्टों के रिक्त 1600 से अधिक पदों पर नियुक्ति के लिए अनिवार्य अर्हता का रास्ता साफ हो गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने 13 अक्टूबर को जारी आदेश में बिहार फार्मासिस्ट संवर्ग नियमावली, 2014 और संशोधन नियमावली, 2024 के प्रावधानों को स्पष्ट किया है। इसके अनुसार, फार्मासिस्ट के मूल पद पर नियुक्ति के लिए डी.फार्मा उत्तीर्ण होने के साथ-साथ बिहार फार्मेसी काउंसिल में पंजीकरण अनिवार्य है।

बी.फार्मा व एम.फार्मा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को भी इस पद पर नियुक्ति के लिए डी.फार्मा की योग्यता पूरी करनी होगी।

विभाग ने इस संबंध में 16 जनवरी 2026 को सर्वोच्च न्यायालय की ओर से एसएलपी (सी) संख्या 12236/2025, मोहम्मद फिरोज मंसूरी एवं अन्य बनाम बिहार राज्य एवं अन्य मामले में पारित आदेश का उल्लेख किया है।

अब माना जा रहा है कि 2016 से डिप्लोमा फार्मासिस्ट व बी.फार्मा डिग्रीधारियों के बीच फार्मासिस्ट पद पर भर्ती की योग्यता को लेकर चल रही खींचतान की स्थिति स्पष्ट हो गई है।

बी.फार्मा डिग्रीधारी, फार्मासिस्ट पद की योग्यता में अपनी डिग्री को शामिल करने की मांग कर रहे थे। वहीं, डिप्लोमा फार्मासिस्ट संगठन भर्ती नियमावली के अनुरूप डी.फार्मा योग्यताधारियों की बहाली की मांग कर रहा था।

बी.फार्मा के लिए कहां खुलेंगे रोजगार के रास्ते:
तीन सदस्यीय समिति वर्तमान में उपलब्ध अवसरों की समीक्षा करने के साथ यह आकलन करेगी कि बी.फार्मा डिग्रीधारियों के लिए कितने पदों की जरूरत है।

इन पदों का सृजन किन-किन कार्यालयों में किया जा सकता है और उनके लिए वेतन स्तर व पदसोपान क्या होना चाहिए। समिति की अनुशंसा के बाद आगे की कार्रवाई का रास्ता स्पष्ट होगा।

बी.फार्मा व एम.फार्मा के लिए पहले से कई संवर्ग:
डिप्लोमा फार्मासिस्ट ऑर्गेनाइजेशन छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि बी.फार्मा व एम.फार्मा डिग्रीधारियों के लिए प्रदेश में पहले से अलग-अलग संवर्गों में नियुक्ति के अवसर उपलब्ध हैं।

बिहार राज्य औषधि नियंत्रण संवर्ग नियमावली 2014 और बिहार औषधि नियंत्रण प्रयोगशाला तकनीकी कर्मी संवर्ग नियमावली 2019 के तहत औषधि निरीक्षक, गवर्नमेंट एनालिस्ट, असिस्टेंट बैक्टीरियोलॉजिस्ट और साइंटिफिक असिस्टेंट जैसे पदों पर इनकी नियुक्ति की जाती है।

इसके अतिरिक्त सरकारी फार्मेसी कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक के पदों पर भी इन्हीं की नियुक्ति होती है। संगठन ने विभाग का आभार जताते हुए शेष रिक्त पदों पर जल्द बहाली के लिए विज्ञापन प्रकाशित करने की मांग की है।

 

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