नई दिल्ली
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की तीसरी समिति में अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह भारत की छवि खराब करने के लिए गलत जानकारी फैला रहा है और अपने देश की समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों का इस्तेमाल कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघु पुरी ने पाकिस्तानी प्रशासन को 'फॉर्म 47 सरकार' बताया। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद में बैठी इस कठपुतली सरकार के असली मालिक देश के फौजी जनरल हैं, जिनके आदेशों को टालने की हिम्मत वहां के किसी नेता में नहीं है। इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान के कश्मीर का राग अलापने पर कहा कि जम्मू-कश्मीर पर अब कोई विवाद नहीं है, सिवाय इसके कि पाकिस्तान PoK खाली करे।
पाकिस्तान में सेना ही असली मालिक- रघु पुरी
रघु पुरी ने कहा कि पाकिस्तान में सेना का प्रभाव सबसे ऊपर है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था दबाव में है, कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब है और खैबर पख्तूनख्वा से लेकर बलूचिस्तान तक मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप लग रहे हैं। फिर भी मौजूदा सरकार में सेना के निर्देशों को चुनौती देने की ताकत नहीं है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भारत, पाकिस्तानी प्रतिनिधि की राजनीतिक बेबसी को अच्छी तरह समझता है, क्योंकि वहां लोकतंत्र सिर्फ एक दिखावा है और हमेशा सेना के हितों को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने पाकिस्तान की सरकार के लिए ‘Form 47 सरकार’ शब्द का इस्तेमाल किया।
पाकिस्तान में, 'फॉर्म 47' एक आधिकारिक चुनावी दस्तावेज है, जिसका उपयोग किसी निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के प्रोविजनल रिजल्ट दर्ज करने के लिए किया जाता है। वहां फरवरी 2024 के आम चुनावों के बाद चुनावी धांधली और अनियमितताओं के आरोप लगे थे। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि मौजूदा सरकार को जबरन सत्ता में लाने के लिए इस विशेष फॉर्म में हेरफेर की गई थी।
कश्मीर पर भी पाकिस्तान को दिया जवाब
जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने की पाकिस्तान की कोशिश पर कड़ा रुख अपनाते हुए रघु पुरी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न, अटूट और अविभाज्य हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में अब केवल एक ही काम बचा है, पाकिस्तान उन भारतीय क्षेत्रों (PoK) को बिना शर्त खाली करे, जिन पर उसने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। भारतीय राजनयिक ने पाकिस्तानी प्रतिनिधि को सलाह दी कि वे सेना के इशारों पर नाचना और दूसरों को उपदेश देना बंद करें। इसके बजाय, वे अपने ही देश के समझदार नागरिकों की बात सुनें, अपने कार्यों पर विचार करें और अपने लोगों की भलाई पर ध्यान दें।
अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर प्रतिक्रिया
अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर पाकिस्तान द्वारा उठाए गए सवालों पर रघु पुरी ने कहा कि आजादी के बाद से पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की आबादी जिस तेजी से घटी है, वह ऐतिहासिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरी तरह दर्ज है। इसके विपरीत भारत दुनिया का सबसे बहु-धार्मिक, बहु-सांस्कृतिक और बहुभाषी समाज है, जिसकी बुनियाद ही विविधता पर टिकी है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान अल्पसंख्यकों के अधिकारों की पूरी गारंटी देता है। अल्पसंख्यक समुदायों के लोग न केवल सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर आसीन हैं, बल्कि सरकार, न्यायपालिका, सशस्त्र बलों और कॉर्पोरेट क्षेत्र में भी शीर्ष पदों पर हैं, जिसकी बराबरी पाकिस्तान कभी नहीं कर सकता।





