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कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए होगा समझौता

मंत्री इन्दर सिंह परमार की उपस्थिति में 27 अक्टूबर को मंत्रालय में होगा एमओयू हस्ताक्षर एवं विनिमय समारोह
प्रदेश में IIT, IISER, IIIT, NID और IRCTC जैसे राष्ट्रीय संस्थानों के साथ शैक्षणिक सहयोग का होगा विस्तार
शिक्षक प्रशिक्षण, AI, डेटा साइंस, अनुसंधान, उद्यमिता और रोजगारपरक कौशल पर रहेगा मुख्य फोकस

भोपाल
मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थियों को रोजगारोंमुखी शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ ही अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा एक बड़ी पहल की जा रही है। विभाग द्वारा 27 अक्टूबर को देश के विभिन्न प्रतिष्ठित शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षर एवं विनिमय समारोह का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार की उपस्थिति में वल्लभ भवन मंत्रालय भोपाल के सभाकक्ष में आयोजित होगा। समारोह में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन एवं आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा सहित सहभागी संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।

राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ बढ़ेगा शैक्षणिक सहयोग
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही इस पहल के माध्यम से देश के अग्रणी संस्थानों, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID), भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (IITTM), UGC-DAE कंसोर्टियम फॉर साइंटिफिक रिसर्च, क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र, क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान (RIE), इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) तथा हार्टफुलनेस संस्थान के साथ शैक्षणिक साझेदारी बढ़ेगी। साथ ही इन समझौतों के माध्यम से प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को विश्वस्तरीय संस्थानों की विशेषज्ञता और संसाधनों का सीधा लाभ मिलेगा।

AI, डेटा साइंस और उभरती प्रौद्योगिकियों पर विशेष फोसक
एमओयू का मुख्य उद्देश्य वर्तमान समय में बदलती आवश्यकताओं और तकनीकी परिदृश्य के अनुरूप प्रदेश के युवाओं को दक्ष बनाना है। इसके अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा साइंस और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों (Emerging Technologies) में तकनीकी दक्षता प्रदान करने पर विशेष बल दिया जाएगा। साथ ही, प्राध्यापकों के लिए शिक्षक प्रशिक्षण और विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक इंटर्नशिप के माध्यम से कौशल विकास एवं क्षमता संवर्धन का कार्य किया जाएगा। इसके अलावा, वैज्ञानिक अनुसंधान, स्टार्टअप्स एवं उद्यमिता और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित कर नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा। यह साझेदारी केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित न रहकर डिजाइन शिक्षा, पर्यटन प्रबंधन, STEM एवं Non – STEM जैसी विषयों को शामिल कर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा।

उच्च शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण, कौशल-आधारित एवं रोजगारोन्मुख बनाने की पहल
उच्च शिक्षा विभाग की इस पहल से प्रदेश के महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों की विशेषज्ञता, उन्नत शैक्षणिक संसाधनों और व्यावहारिक प्रशिक्षण के अवसरों से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे विद्यार्थियों की दक्षताओं को उद्योग एवं संस्थानों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने, रोजगार के नए अवसरों को प्रोत्साहित करने तथा अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी। यह पहल मध्यप्रदेश में गुणवत्तापूर्ण, कौशल-आधारित, अनुसंधानपरक एवं रोजगारोन्मुख उच्च शिक्षा व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

 

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