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IIT BHU के 15वें दीक्षांत समारोह में मेधावियों का सम्मान, कुमार मंगलम बिड़ला ने प्रदान किए 124 पदक

वाराणसी
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के स्वतंत्रता भवन में आईआईटी बीएचयू के 15 वें दीक्षांत समारोह समारोह में करीब 45 मिनट तक मंत्रोच्चार के साथ शिष्ट मंडल का स्वागत, महामना की प्रतिमा पर माल्यार्पण, वंदे मातरम, कुलगीत गायन के साथ संस्थान की विरासत और उपलब्धियों पर एक फिल्म दिखाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुमार मंगलम बिड़ला रहे। जिन्होंने कुल 62 छात्र छात्राओं को 124 मेडल से सम्मानित किया।

आईआईटी बीएचयू के 15 वें दीक्षांत समारोह में पहला सोलर एनर्जी अवार्ड स्मृति चिन्ह और कैश प्राइज़ प्रखर नेमा देकर कुमार मंगलम बिड़ला द्वारा सम्मानित किया गया। 

डीन देवेंद्र कुमार ने उपाधियों की घोषणा की। निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने स्वागत भाषण और संस्थान की विरासत और उपलब्धियों को गिनाकर सभी मेडल और डिग्री धारकों को शपथ दिलाई। दीक्षांत समारोह में प्रेसिडेंट मेडल और सबसे ज्यादा 15 मेडल्स और प्रमाण पत्र हरजस कौर को मिला। समारोह में पहला सोलर एनर्जी अवार्ड स्मृति चिन्ह और कैश प्राइज़ प्रखर नेमा देकर कुमार मंगलम बिड़ला द्वारा सम्मानित किया गया।

वहीं प्रतीक त्रिपाठी और मेहुलकुमार को डायरेक्टर्स गोल्ड दिया गया। सौर ऊर्जा से बनी बिजली को कम से कम ऊर्जा नुकसान के साथ इस्तेमाल योग्य बनाया। मध्य प्रदेश के सागर निवासी प्रखर ने पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में रिसर्च किया है। सौर ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा के लिए ज्यादा दक्ष और सुरक्षित बिजली बनाने का सिस्टम विकसित किया है।

प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल हरजस कौर को दिया गया। हरजस कौर को कुल 15 गोल्ड मेडल और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। 
प्रखर ने हाई-गेन डीसी-डीसी पावर कन्वर्टर और मल्टी-आउटपुट हाइब्रिड कन्वर्टर तैयार किया है। इसमें सौर ऊर्जा से बनी बिजली को कम से कम ऊर्जा नुकसान के साथ इस्तेमाल योग्य बनाना है। कार्यक्रम में तेजस के जनक कोटा हरिनारायण, कुलपति अजित कुमार चतुर्वेदी, आईआईटी के डायरेक्टर प्रोफेसर अमित पात्रा और डा महेंद्र पांडेय रहे।

वहीं आयोजन के दौरान आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला को आईआईटी बीएचयू की तरफ से ऑनरेरी काजा, डॉक्टर ऑफ साइंस की उपाधि दी गई। 

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