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संत तुलसीदास घाट पर रहकर 60 वर्षीय रामभक्त विनोद मिश्रा अनवरत लिख रहे राम नाम

विनोद मिश्रा का कहना है कि भाजपा की डबल इंजन सरकार के प्रयासों से राम की नगरी का अभूतपूर्व विकास हुआ

राम नाम के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम भी लिख रहे

अयोध्या
एक कलम, कागज पर उतरते राम नाम के अनगिनत अक्षर और मन में अटूट आस्था। संत तुलसीदास घाट पर बैठे 60 वर्षीय रामभक्त विनोद मिश्रा की साधना पिछले 20 वर्षों से अनवरत जारी है। बलिया के रहने वाले विनोद मिश्रा ने कभी भव्य राम मंदिर निर्माण की कामना लेकर राम नाम लिखना शुरू किया था। समय बदला, अयोध्या बदली और उनकी आंखों के सामने राम मंदिर का सपना साकार हो गया। लेकिन उनकी कलम आज भी नहीं रुकी है। अब राम नाम के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिखते हुए वह भगवान श्रीराम से प्रदेश में लगातार तीसरी बार भाजपा की सरकार बनने की प्रार्थना कर रहे हैं ताकि डबल इंजन सरकार भगवान राम की नगरी का निरंतर विकास करती रहे। उनके लिए राम नाम केवल भक्ति नहीं, बल्कि संकल्प से सिद्धि तक की यात्रा है।

राम मंदिर की कामना से शुरू हुई 20 वर्षों की साधना
विनोद मिश्रा की राम नाम लेखन यात्रा उस दौर में शुरू हुई, जब अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण रामभक्तों की सबसे बड़ी आकांक्षा था। उन्होंने राम नाम लिखते हुए भगवान श्रीराम से मंदिर निर्माण की प्रार्थना की। दो दशक तक चली इस साधना के बीच राम मंदिर का निर्माण हुआ और रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए। जिस मंदिर के निर्माण की कामना लेकर उन्होंने कलम उठाई थी, उसे अपनी आंखों के सामने साकार होते देखना उनके लिए भावुक करने वाला अनुभव है। राम मंदिर निर्माण के बाद भी उनकी साधना जारी है। उनके लिए राम नाम लिखना जीवन का हिस्सा बन चुका है।

राम नाम के साथ भाजपा की विजय की कामना
आज रामभक्त विनोद मिश्रा की कलम राम नाम के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम भी लिख रही है। उनकी वर्तमान साधना में एक विशेष कामना जुड़ी है। वह भगवान श्रीराम से प्रार्थना कर रहे हैं कि वर्ष 2027 में फिर उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बने। विनोद मिश्रा का कहना है कि भाजपा की डबल इंजन सरकार के प्रयासों से अयोध्या का अभूतपूर्व विकास हुआ है। आज देश के कोने-कोने से श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। अयोध्या को मिली नई पहचान और यहां हुए विकास कार्यों को वह योगी सरकार की अद्भुत देन मानते हैं।

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